Sambhajinagar: Smart City Bus सेवा में बड़ा घोटाला, कर्मचारियों के वेतन से 13% राशि गायब

Chhatrapati Sambhajinagar में स्मार्ट सिटी बस सेवा में PF घोटाले की खबर सामने आयी है। बताया जा रहा है कि ड्राइवर-कंडक्टरों के वेतन से 13% अतिरिक्त राशि एजेंसी ने अपने पास रखी है।
Chhatrapati Sambhajinagar में स्मार्ट सिटी बस सेवा में PF घोटाले की खबर सामने आयी है। बताया जा रहा है कि ड्राइवर-कंडक्टरों के वेतन से 13% अतिरिक्त राशि एजेंसी ने अपने पास रखी है।
छत्रपति संभाजीनगर स्मार्ट सिटी बस (सौ. सोशल मीडिया )
Updated on

Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: स्मार्ट सिटी बस सेवा में कर्मचारियों के साथ की जा रही वित्तीय धांधली का पर्दाफाश होने से हड़कंप मच गया।

उपठेकेदार साई एजेंसी द्वारा ड्राइवरों और कंडक्टरों के वेतन से नियमानुसार 25 प्रतिशत के बजाय 38 प्रतिशत राशि काटे जाने का खुलासा ऑडिट में हुआ।

यह कटौती पीएफ और ईएसआईसी के नाम पर की गई थी, जबकि अतिरिक्त 13 प्रतिशत राशि एजेंसी ने अपने पास रख ली। इस वित्तीय अनियमितता से कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई थी और हड़ताल की स्थिति बन गई थी।

बस चालक संजय सुपेकर ने कहा है कि लोगों ने सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई से हड़ताल टल गई और शहर की बस सेवा सामान्य रही।

स्मार्ट बस विभाग में ठेका कंपनी का पीएफ घोटाला उजागर

जानकारी के अनुसार, शहर में सार्वजनिक बस सेवा का संचालन चली कंपनी द्वारा स्मार्ट सिटी कॉपीरेशन लिमिटेड और महानगर पालिका के संयुक्त उपक्रम के तहत किया जाता है। थलो कंपनी ने बस संचालन का उपठेका साई एजेंसी को दिया हुआ है। वर्तमान में लगभग 80 बसें प्रतिदिन चलती है, जिनमें करीब 400 ड्राइवर और कंडक्टर कार्यरत है। नियमों के मुताबिक, कर्मचारियों के वेतन से पीएफ और ईएसआईसी की 25% राशि काटी जानी चाहिए थी, लेकिन साई एजेंसी ने पिछले डेढ़ साल में 13% अतिरिक्त कटौती कर लगभग 35 लाख रुपए की राशि अपने पास रख ली।

कंपनी को हुआ नोटिस जारी

ऑडिट रिपोर्ट में यह घोटाला उजागर होते ही स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन ने चली कंपनी को नोटिस जारी कर जांच शुरू की। प्रारंभिक कार्रवाई में चली कंपनी से 7 लाख रुपए की वसूली की गई है और आगे की जांच जारी है, घोटाला सामने आने के बाद चली कंपनी ने साई एजेंसी को नोटिस जारी किया, जिसके बाद दोनों कंपनियों में विवाद गहरा गया।

इसी बीच साई एजेंसी ने सोशल मीडिया पर इइवरों और कंडक्टरी को 'काम पर न आएं' का संदेश भेजते हुए हड़ताल का आह्वान कर दिया। बुधवार शाम तक बस सेवा ठप होने की आशंका बन गई थी। हालांकि, बस चालान प्रबंधक संजय सुपेकर ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों से संवाद किया और कर्मचारियों को नियमित रूप से ड्यूटी पर आने की अपील की।

Navbharat Live
navbharatlive.com