Sambhajinagar: स्टारलिंक से ग्रामीण स्वास्थ्य-शिक्षा में क्रांति, टेलिमेडिसिन को मिलेगी रफ्तार
Sambhajinagar: स्टारलिंक के साथ समझौते के बाद सिल्लोड के दुर्गम गांवों में हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे टेलिमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा और कृषि सेवाओं को नई गति मिलेगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
मोबाइल नेटवर्क (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्टारलिंक कंपनी के साथ किए समझौते के बाद सिल्लोड तहसील के दुर्गम गांवों में शीघ्र ही आधुनिक इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने पिछले महीने किए इस समझौते को राज्य के स्वास्थ्य, शिक्षा व कृषि क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी कदम बताया जा रहा है। तहसील के कई दूरस्थ गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व स्कूलों में नेटवर्क की कमी के कारण नागरिकों को लंबे समय से गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब स्टारलिंक की सैटेलाइट सेवा के माध्यम से इन गांवों तक उच्च गति का इंटरनेट पहुंच सकेगा।
शुरू हो सकेंगी टेलिमेडिसिन सेवाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। स्टारलिंक इंटरनेट उपलब्ध होने पर टेलिमेडिसिन सेवाएं शुरू हो सकेंगी, डॉक्टर दूर से ही मरीजों की जांच कर सकेंगे, मेडिकल रिपोर्ट व डेटा तुरंत साझा किया जा सकेगा व आवश्यक उपचार संबंधी सलाह तुरंत मिल सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण इलाकों में मौतों की संख्या कम होने में मदद मिलेगी।
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किसानों, ग्रामीणों के लिए उम्मीद की किरण
यह समझौता केवल स्वास्थ्य व शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टारलिंक इंटरनेट से बैंकिंग सेवाएं, कृषि संबंधी जानकारी, मौसम पूर्वानुमान, बाजार भाव व आपदा प्रबंधन भी आसान होंगे। पहले चरण में 500 से अधिक सरकारी संस्थानों को इससे जोडा जाएगा जो ग्रामीण के लिए डिजिटल विकास का नया अध्याय साबित होगा। सिल्लोड तहसील के किसानों व ग्रामीणों के लिए यह कदम उम्मीद की किरण बन सकती है व आने वाले दिनों में यहां के गांव डिजिटल इंडिया के नक्शे पर चमकेंगे।
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बालिका शिक्षा को मिलेगा प्रोत्साहन
सिल्लोड़ के कई गांवों में स्कूल न होने के कारण बच्चे 5-10 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाते हैं या पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं। अब यह सेवा शुरू होने पर ऑनलाइन कक्षाएं, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, डिजिटल लाइब्रेरी व शिक्षकों के दूरस्थ व्याख्यान उपलब्ध होंगे, जिससे ग्रामीण छात्रों को भी शहर जैसा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा वातावरण मिल सकेगा। इससे विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
