Sambhajinagar: शिवभोजन योजना में बकाया अनुदान, संचालक भूख हड़ताल पर मजबूर
Chhatrapati Sambhajinagar के 101 शिवभोजन केंद्र मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, क्योंकि अभी तक इन शिवभोजन केंद्रों को वितरण की राशि नहीं मिल पायी है। इन केंद्रों को संचालित करना काफी मुश्किल हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
शिवभोजन केंद्र (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: जिले के 101 शिवभोजन केंद्रों को 9,950 थालियों के वितरण की राशि नहीं मिल पाई है। जहां तक सिल्लोड़ तहसील का सवाल है दो शिव भोजन केंद्र संचालकों को 300 थालियों का 10 लाख रुपए बकाया अनुदान नहीं मिल पाया है।
हालांकि, राज्य भर में शिव भोजन केंद्र संचालकों की भूख हड़ताल व विरोध प्रदर्शन के चलते 200 करोड़ रुपए बकाया देने की घोषणा की गई थी, पर वास्तव में महज 21 करोड़ रुपए का ही प्रावधान किया गया था। ऐसे में संचालकों को केंद्र संचालित करना बेहद मुश्किल हो गया है।
शिव भोजन योजना राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य गरीबों को रोजाना 10 रुपए की थाली उपलब्ध कराना हैं। जिले में 1 10 शिवभोजन केंद्रों के जरिए कुल 9,950 थालियों के वितरण की मंजूरी दी गई है। छ। संभाजीनगर में सबसे अधिक 82 केंद्र, गंगापुर व वैजापुर में 4-4, सोयगांव शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में 5-5 केंद्र और कन्नड़, पैठण, फुलंब्री व खुलताबाद तहसील में एक-एक केंद्र हैं।
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सरकार की घोषणा कागजों तक ही सीमित
जिले के केंद्र संवालक पिछले कई महीनों से सब्सिडी का इंतजार कर रहे है। शहरी क्षेत्रों के केंद्रों को प्रति प्लेट 50 रुपए व ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों में 35 रुपए प्रति प्लेट अनुदान मिलता है। ये केंद्र जिले के ग्रामीण-शहरी मिश्रित क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। अनुदान में देरी के चलते केंद्रों का संचालन मुश्किल हो गया है। केंद्र संचालकों का कहना है कि वे गरीबों के लिए बाली तो जुटा लेते हैं। पर उनके परिवारों को रोटी नसीब नहीं होती। किराना व्यापारी अब ऋण नहीं दे रहे हैं, क्योंकि अनुदान की कोई गारंटी नहीं है। केंद्र संचालकों का कहना है कि सरकार की घोषणा कागज तक ही सीमित रह गई है।
