चालीसगांव रेल-ओवर-रेल फ्लाईओवर को मिली मंजूरी, 263.86 करोड़ रुपए होंगे खर्च, कई क्रॉसिंग से मिलेगी मुक्ति
Central Railway Project Maharashtra: महाराष्ट्र के चालीसगांव में 263.86 करोड़ रुपये की लागत से रेल-ओवर-रेल फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही सुचारू होगी।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
Railways Infrastructure (सोर्सः फाईल फोटो- सोशल मीडिया
Indian Railways Infrastructure: भारतीय रेलवे ने महाराष्ट्र में मध्य रेल के अंतर्गत आने वाले चालीसगांव रेल-ओवर-रेल फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस बहुउद्देश्यीय प्रोजेक्ट के लिए लगभग 263.86 करोड़ रुपए खर्च होंगे। चालीसगांव रेल-ओवर-रेल (आरओआर) फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को इस नेटवर्क के एक महत्वपूर्ण खंड की क्षमता बढ़ाने और परिचालन को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के जलगांव जिले के चालीसगांव क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही परिचालन संबंधी चुनौतियों का समाधान करेगा।
ट्रेनों की भारी ट्रैफिक
वर्तमान में, इस खंड में तीन लाइनों पर कई क्रॉसिंग के कारण ट्रेनों की आवाजाही में काफी भीड़भाड़ (ट्रैफिक) रहती है। विशेष रूप से धुले की ओर से आने वाली ट्रेनों के लिए, जो व्यस्त मेन लाइनों को काटती हैं। अतिरिक्त चौथी लाइन के विकास के साथ, इन क्रॉसिंग से देरी और परिचालन में ज्यादा परेशानी होती है। स्वीकृत फ्लाईओवर ट्रेनों की आवाजाही को अलग करके ऐसी समस्याओं को दूर करेगा,जिससे सुचारू और अधिक कुशल परिचालन सुनिश्चित होगा।
बढ़ेगी लाइन क्षमता
इस खंड की वर्तमान लाइन क्षमता मात्र 45.4% है, जिसके निकट भविष्य में कई परियोजनाओं के पूर्ण होने के साथ 2029-30 तक बढ़कर 107.96% होने की उम्मीद है। इस स्थिति को देखते हुए, यह फ्लाईओवर भविष्य की मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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इस प्रोजेक्ट से चालीसगांव और जामदा के बीच के खंड पर भी दबाव कम होगा, जहां लंबे ब्लॉक खंडों के कारण शाखा (ब्रांच) लाइन और भुसावल-मनमाड यातायात दोनों में देरी हो रही थी। इन खंडों के पुनर्गठन और ट्रेनों के सुचारू संचालन में सुधार से चालीसगांव में होने वाली देरी में काफी कमी आएगी और पंक्चुअलिटी बढ़ेगी। इससे अप दिशा में लगभग 15 मिनट और डाउन दिशा में लगभग 20 मिनट की बचत होगी। इससे यात्री और माल परिवहन दोनों को सीधा लाभ होगा।
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होगा 11.01 किमी ट्रैक
परियोजना की कुल ट्रैक लंबाई 11.01 किमी होगी। इसका सर्वेक्षण कोंकण रेलवे निगम लिमिटेड द्वारा किया गया है। इस परियोजना में दो स्टेशन भवन, एक मुख्य (मेजर) पुल, 16 छोटे (माइनर) पुल, एक अंडरब्रिज (आरयूबी) और पांच सीमित ऊंचाई वाले सबवे (एलएचएस) का निर्माण भी शामिल है।
बताया गया कि इस अलाइनमेंट को 1:200 के रूलिंग ग्रेडिएंट के साथ डिजाइन किया गया है। इस पर 130 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से ट्रेनें चल सकेंगी। इस परियोजना से प्रति वर्ष लगभग 0.6 मिलियन टन (एमटीपीए) अतिरिक्त माल यातायात उत्पन्न होने की उम्मीद है। इसके साथ चीनी उद्योग, सीमेंट उद्योग, विभिन्न औद्योगिक समूहों और पर्यटन स्थलों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा प्रदान करने में मदद मिलेगी।
