खुलदाबाद बनेगा रत्नपुर! संजय केनेकर ने की मांग, CM फडणवीस को लिखा पत्र

Sanjay Kenekar wrote letter to CM Fadnavis: महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र पर हुए विवाद के बाद अब खुलदाबाद का नाम बदलने की मांग की जा रही है। इस संदर्भ में संजय केनेकर ने सीएम फडणवीस को पत्र लिखा है।
Sanjay Kenekar wrote letter to CM Fadnavis: महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र पर हुए विवाद के बाद अब खुलदाबाद का नाम बदलने की मांग की जा रही है। इस संदर्भ में संजय केनेकर ने सीएम फडणवीस को पत्र लिखा है।
संजय केनेकर और देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Sanjay Kenekar wrote letter to CM Fadnavis: महाराष्ट्र के भाजपा विधायक और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) संजय केनेकर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर छत्रपति संभाजीनगर जिले के खुलदाबाद का नाम बदलकर रत्नपुर करने की मांग की है।

खुलदाबाद वो जगह है, जहां मुगल सम्राट औरंगजेब की कब्र स्थित है, ये वहीं कब्र है जिसे लेकर लंबे समय से राज्य में विवाद चल रहा है। संजय केनेकर ने इस सीएम को लिखे इस पत्र में छत्रपति संभाजी महाराज के सम्मान में रत्नपुर नाम के साथ-साथ यहां एक भव्य स्मारक बनाने की भी मांग की है। संजय केनेकर ने अपने बयान में दावा किया है कि खुलदाबाद का ऐतिहासिक नाम रत्नपुर था, जिसे औरंगजेब के शासनकाल में बदला गया था।

कांग्रेस पर लगाया आरोप

संजय केनेकर ने कांग्रेस पर गंभीर आरो लगाया। केनेकर ने कहा कांग्रेस ने आक्रमणकारियों के इतिहास को बढ़ावा दिया। साथ ही छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज जैसे वीरों की गौरवशाली कहानियों को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, "जब हम खुलदाबाद जाते हैं और वहां औरंगजेब का नाम देखते हैं, तो हमारा खून खौल उठता है। इसलिए, हम इस स्थान का नाम बदलकर रत्नपुर करने और छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान को सम्मान देने के लिए एक स्मारक बनाने की मांग कर रहे हैं।"

औरंगजेब के विचारों को दफन करने के लिए प्रतिबद्ध भाजपा

भाजपा नेता संजय केनेकर ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के पिता शाहजी राजे भोसले, संभाजी महाराज और उनके साथी संताजी घोरपड़े, दादाजी जाधव और ताराबाई रानी जैसे वीरों ने औरंगजेब के खिलाफ हिंदवी स्वराज की लड़ाई लड़ी थी और अपना अहम योगदान निभाया था। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने इनके इतिहास को छिपाने का काम किया। अब भारतीय जनता पार्टी इस इतिहास को उजागर करने, सामने लाने और औरंगजेब के विचारों को दफन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

संजय केनेकर की यह मांग ऐसे समय सामने आई जब हाल ही में खुलदाबाद में औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद बढ़ा है। इससे पहले, शिवसेना नेता और सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाठ ने भी खुलदाबाद का नाम रत्नपुर करने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा था कि यह स्थान मूल रूप से रत्नपुर के नाम से जाना जाता था और औरंगजेब के आगमन के बाद इसका नाम बदला गया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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