छत्रपति संभाजीनगर मनपा अधिकारियों पर दबाव डालने वालों पर होगी सख्ती, नगरसेवकों के रिश्तेदारों की एंट्री बंद
Sambhajinagar Municipal Commissioner अमोल येडगे ने नगरसेवकों के परिजनों और निजी सहायकों की प्रशासनिक कार्यों में दखल पर रोक लगाई। केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के ही माने जाएंगे निर्देश।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
मनपा आयुक्त अमोल येडगे (सोर्सः फाइल फोटो)
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Commissioner: महानगरपालिका में निर्वाचित नगरसेवकों, विशेषकर कुछ महिला नगरसेविकाओं के पति, निजी सहायक (पीए), परिजन और रिश्तेदारों द्वारा प्रशासनिक कार्यों में लगातार हस्तक्षेप किए जाने तथा अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव बनाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने कड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया है।
आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि केवल निर्वाचित नगरसेवक और नगरसेविकाओं को ही महानगरपालिका के कार्यों में भाग लेने तथा प्रशासनिक विषयों पर अपनी बात रखने का अधिकार है। उनके परिवार के सदस्य, रिश्तेदार अथवा निजी प्रतिनिधि किसी भी प्रकार से सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
महानगरपालिका प्रशासन को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ महिला नगरसेविकाओं के पति, उनके निजी सहायक, पुत्र, पुत्रियां, भाई, रिश्तेदार तथा अन्य परिचित स्वयं को जनप्रतिनिधि बताकर मुख्यालय, विभागीय कार्यालयों और विकास कार्यों के स्थलों पर अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं।
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कई मामलों में अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव डालने तथा कार्यों में हस्तक्षेप करने की शिकायतें भी आयुक्त के पास पहुंची थीं। इन्हीं शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त अमोल येडगे ने सभी विभागों के लिए कार्यालयीन परिपत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया और फोन पर भी रोक
आयुक्त के आदेश में कहा गया है कि जनप्रतिनिधियों के परिजन या निजी प्रतिनिधि स्वयं को नगरसेवक बताकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर प्रचार नहीं करेंगे। किसी अधिकारी या कर्मचारी को नगरसेवक के नाम पर फोन कर निर्देश देना, कार्यालयों में हस्तक्षेप करना अथवा निजी कार्यालयों में स्वयं को जनप्रतिनिधि बताकर प्रभाव डालने का प्रयास भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
परिपत्र में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया है कि वे निर्वाचित नगरसेवकों और नगरसेविकाओं का पूरा सम्मान करें, लेकिन उनके परिजनों, निजी सहायकों या अन्य व्यक्तियों के निर्देशों का पालन न करें। किसी भी प्रकार के दबाव में आकर प्रशासनिक निर्णय नहीं लिए जाएं।
यदि कोई व्यक्ति स्वयं को नगरसेवक का प्रतिनिधि बताकर काम कराने का प्रयास करता है तो उसके अनुरोध पर कोई कार्रवाई न करते हुए केवल नियमानुसार कार्य किया जाए।
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मनपा की छवि बचाने के लिए कदम
आयुक्त अमोल येडगे ने सभी नगरसेवकों और नगरसेविकाओं से भी अनुरोध किया है कि वे अपने पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, भाई, रिश्तेदार या अन्य किसी व्यक्ति को प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप करने से रोकें।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से महानगरपालिका की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और उसकी सार्वजनिक छवि को भी नुकसान पहुंचता है। इस आदेश को महानगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
