Sambhajinagar Drainage Project: संभाजीनगर में 887 करोड़ की ड्रेनेज योजना अधर में; ठेकेदारों का भुगतान अटका
Sambhajinagar Drainage Project: संभाजीनगर शहर की 887 करोड़ रुपये की ड्रेनेज परियोजना मनपा की वित्तीय लापरवाही के कारण संकट में है। 30% अंशदान जमा न होने से ठेकेदारों के भुगतान अटक गए हैं।
- Written By: केतकी मोडक
रप्रतीकात्मक तसवीर सोर्स (सोशल मीडीया)
Chhatrapati Sambhajinagar Drainage Project: केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से शहर में चल रही महत्वपूर्ण ड्रेनेज परियोजनाओं को बड़ा झटका लगा है। महानगरपालिका (मनपा) द्वारा निर्धारित 30 प्रतिशत अंशदान जमा न करने के कारण ठेकेदार एजेंसियों के करोड़ों रुपये के बिल अटक गए हैं। इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण शहर के विकास कार्यों की गति काफी धीमी हो गई है।
887 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना पर संकट
शहर को सेप्टिक टैंक मुक्त बनाने के उद्देश्य से सातारा-देवलाई सहित पश्चिम, मध्य और पूर्व विधानसभा क्षेत्रों में ड्रेनेज लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया था। इन सभी परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत लगभग 887 करोड़ रुपये है। सरकारी नियमों के अनुसार, इस योजना के कुल खर्च का 30 प्रतिशत हिस्सा मनपा को वहन करना अनिवार्य है। जब तक मनपा अपनी हिस्सेदारी जमा नहीं करती, तब तक केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अगला अनुदान जारी नहीं किया जाता है।
सात महीनों का भुगतान लंबित, काम की गति हुई धीमी
सूत्रों के अनुसार, अक्टूबर 2026 से अप्रैल 2027 तक का करीब सात महीनों का भुगतान फिलहाल लंबित है। हालांकि ठेकेदार एजेंसियों ने अब तक काम जारी रखा है, लेकिन भुगतान न मिलने के कारण अब कई स्थानों पर कार्य ठप होने की स्थिति में पहुँच गया है। नियमानुसार मनपा को अपना अंशदान जमा करने के बाद संबंधित दस्तावेज संलग्न कर सरकार से अनुदान की मांग करनी होती है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण प्रक्रिया रुकी हुई है।
सम्बंधित ख़बरें
मुंह में कपड़ा और नाक में च्युइंग गम… IIIT छात्र की मौत के तरीके से पुलिस दंग, परीक्षा तनाव पर उठे सवाल
Nagpur Water Crisis: 45°C गर्मी में जल संकट गहराया, कई इलाकों में दूषित जल सप्लाई से नागरिक परेशान
‘ड्रग-फ्री नवी मुंबई’ अभियान के बीच खुलासा, विदेशी गैंग और पंजाब कनेक्शन से बढ़ी चिंता
Maharashtra Food Traders License: महाराष्ट्र में खाद्य व्यापारियों को बड़ी राहत, लाइसेंस की अनिवार्यता खत्म
यह भी पढ़ें:Maharashtra Food Traders License: महाराष्ट्र में खाद्य व्यापारियों को बड़ी राहत, लाइसेंस की अनिवार्यता खत्म
समय सीमा समाप्त, बढ़ सकती है परियोजना की देरी
परियोजनाओं की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं, जिससे अब समय वृद्धि (Time Extension) देने की नौबत आ गई है। यदि मनपा जल्द ही अपनी हिस्सेदारी की राशि जमा नहीं करती है, तो शहर की इस महत्वपूर्ण परियोजना में और भी अधिक देरी होना तय है। यह स्थिति न केवल शहर के विकास को प्रभावित कर रही है बल्कि ठेकेदारों के लिए भी वित्तीय संकट खड़ा कर रही है।
