

Nagpur Project Metro Development: नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) के वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट 607 करोड़ और वर्ष 2026-27 के लिए 7474 करोड़ रुपए के अनुमानित बजट को सोमवार को राज्य सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मुंबई के सह्याद्री अतिथि सभागृह में नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।
इसमें एनएमआरडीए के आयुक्त संजय मीणा प्रमुख रूप से उपस्थित थे। बैठक में नागपुर के विकास को गति देने के लिए नए आउटर रिंग रोड के निर्माण, 4 ट्रक व बस टर्मिनल, नए नागपुर क्षेत्र में इंटरनेशनल बिजनेस एंड फाइनेंस सेंटर (आईबीएफसी) सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ड्रीम प्रोजेक्ट 'नया नागपुर' और आउटर रिंग रोड परियोजना से नागपुर के विकास को गति मिली है। अब इस दिशा में तत्परता दिखाते हुए सरकार ने बैठक में बड़े फैसले लिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की 11वीं बैठक में कई महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
बैठक के सबसे अहम निर्णयों में नागपुर शहर के चारों ओर आउटर रिंग रोड के निर्माण और उससे जुड़े 4 ट्रक व बस टर्मिनल विकसित करने की योजना शामिल रही। इसके अलावा नया नागपुर क्षेत्र में इंटरनेशनल बिजनेस एंड फाइनेंस सेंटर (आईबीएफसी) स्थापित करने की भी हरी झंडी दे दी गई।
इन परियोजनाओं के लिए हुडको (HUDCO) के साथ करार और आवश्यकता अनुसार कर्ज लेने के अधिकार एनएमआरडीए आयुक्त को दिए गए, बैठक में प्राधिकरण के कामकाज में सुधार के लिए प्रक्रियात्मक बदलावों को भी मंजूरी दी गई, वहीं केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत महाराष्ट्र अर्बन इंफ्रास्ट्रक्बर फंड (एमयूआईएफ) के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) के क्षेत्र में भविष्य की जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए गोसीखुर्द परियोजना से पानी लाने के लिए प्रस्तावित बैनगंगा नलगंगा नदी जोड़ परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत करीब 10 मीटर चौड़ी और लगभग 50 किलोमीटर लंबी भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
इसके अलावा नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) की कॉमन सील को मंजूरी देने के साथ ही उसके लोगो को ट्रेडमार्क और कॉपीराइट के रूप में उपयोग करने की अनुमति भी प्रदान की गई है। इन फैसलों से नागपुर महानगर क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।