Sambhajinagar: सिडको पुल पर गंभीर तकनीकी खामियां, हाईकोर्ट ने मनपा से मांगा शपथपत्र
Sambhajinagar: सिडको पुल के स्ट्रक्चरल ऑडिट में मोटाई व तकनीकी खामियां सामने आईं। विशेषज्ञों ने पुराने लेयर हटाकर नया लेयर बिछाने की सलाह दी। हाईकोर्ट ने मनपा व PWD से तीन सप्ताह में शपथपत्र मांगा।
- Written By: अंकिता पटेल
सिडको फ्लाईओवर (सोर्स:सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: सिडको पुल पर मोटाई (थिकनेस) में भारी अंतर व तकनीकी गड़बड़ियां पाई गईं हैं। शहर के फ्लाई ओवर पर मौजूद पुराने लेयर को पूरी तरह हटाकर ही नया लेयर बिछाने का सुझाव सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के विशेषज्ञों की तकनीकी समिति ने दिया है।
समिति ने चेताया कि यदि पुराने लेयर पर ही नया लेयर डाल दिया गया, तो पुल इतना भार सहन नहीं कर पाएगा। इसका स्पष्ट उल्लेख इंडियन रोड कॉन्ग्रेस (IRC) 2013 के सेक्शन 2811. 2 में किया गया है।
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के विशेषज्ञों की समिति कीरिपोर्ट पर बाम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने शहर की सड़कों की खराब हालत व प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर प्रश्न उठाए। अदालत ने कहा कि खोदी गई सड़कों को समय पर ठीक नहीं किया गया।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई, पुणे और नागपुर को मिलेगा रफ्तार का नया पंख, राज्य में 2.80 लाख करोड़ की मेट्रो प्रोजेक्ट पर तेजी से काम
बदनाम हुए तो क्या हुआ नाम तो हुआ… फडणवीस का कांग्रेस पर करारा प्रहार, गुंगी गुड़िया विवाद पर सपकाल को धोया
महाराष्ट्र में SIR सत्यापन की तारीख बढ़ी, अब 17 अगस्त तक BLO करेंगे जांच, इस दिन आएगी फाइनल वोटर लिस्ट
गूंगी गुड़िया हैं सुनेत्रा पवार, हर्षवर्धन सपकाल का विवादित बयान; महाराष्ट्र में छिड़ा सियासी घमासान
तीन सप्ताह में मनपा को देना होगा शपथपत्र
न्यायमूर्ति विभा कंकणवाड़ी व हितेन वेनेगांवकर ने लोक निर्माण विभाग व मनपा को तीन सप्ताह के भीतर शपथपत्र देकर स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए है। याचिकाकर्ता (पार्टी-इन-पर्सन) को भी सड़कों व पुलों की वर्तमान स्थिति बताने वाला शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया।
ये भी पढ़ें :-नायलॉन मांजे पर सख्त हुई पुलिस: विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी, मांजा दुकानदारों पर छाया डर
उच्च न्यायालय के आदेश पर शहर के 7 पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट पहले ही किया जा चुका है। समिति ने सभी सात पुलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। संरचना, मोटाई, मजबूती व सुरक्षा संबंधी खामियां सूचीबद्ध की व 10 अगस्त 2023 को अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश की।
रिपोर्ट के बावजूद संबंधित विभागों ने आवश्यक मरम्मत व सुधार कार्य समय पर नहीं किए। खंडपीठ ने अधिवक्ता रूपेश जायसवाल को शपथ-पत्र दाखिल करने के लिए कहा है।
