RTE प्रवेश के नाम पर ठगी की पतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar News: शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में 25% आरक्षित सीटों पर प्रवेश दिलाने के नाम पर शहर में ठगी का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो गया है। भोले-भले अभिभावकों को ‘गारंटीड एडमिशन’ का लालच देकर एजेंटों द्वारा हजारों रुपये वसूले जाने के मामले सामने आ रहे हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग ने इस संबंध में कड़ी चेतावनी जारी की है।
आरटीई प्रक्रिया की जटिलता और जानकारी के अभाव का फायदा उठाकर कुछ एजेंट गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निशाना बना रहे हैं। एजेंट दावा करते हैं कि उनकी ‘ऊपर तक सेटिंग’ है और वे लकी ड्रॉ में बच्चे का नाम पक्का करवा सकते हैं। शिकायतों के अनुसार, एक प्रवेश के बदले 25,000 से 50,000 रुपये तक की मांग की जा रही है। कई मामलों में एजेंट गलत निवास प्रमाण पत्र या आय प्रमाण पत्र बनवाकर प्रवेश दिलाने का झांसा देते हैं, जिससे भविष्य में छात्र का प्रवेश रद्द होने का खतरा रहता है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि Right to Education (RTE) के तहत होने वाले प्रवेश पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होते हैं। छात्रों का चयन किसी व्यक्ति के हाथ में नहीं, बल्कि पूरी तरह से मशीन द्वारा संचालित लकी ड्रॉ के माध्यम से होता है। इस प्रक्रिया में किसी भी अधिकारी, नेता या एजेंट की सिफारिश काम नहीं आती। आवेदन केवल सरकार की आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाते हैं।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अभिभावकों को सतर्क करते हुए कहा है कि आरटीई का मूल उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करना है। यदि कोई व्यक्ति प्रवेश के बदले पैसे मांगता है, तो वह सीधा-सीधा धोखाधड़ी का मामला है।
यदि कोई आपसे आरटीई प्रवेश के लिए पैसों की मांग करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस स्टेशन या शिक्षा विभाग के कार्यालय में करें। किसी भी ‘शॉर्टकट’ के चक्कर में न पड़ें, क्योंकि इससे न केवल आपके पैसे डूबेंगे बल्कि आपके बच्चे का शैक्षणिक भविष्य भी अधर में लटक सकता है।