Chhatrapati Sambhajinagar में बदला राशन सिस्टम, गेहूं घटा और ज्वार बढ़ा-जानें नया नियम
Maharashtra के राशन कार्डधारकों को दीपावली से पहले जोरदार झटका लगा है। राज्य के राशन विभाग ने इस साल 19 जिलों में अंत्योदय लाभार्थियों को मिलने वाली राशन व्यवस्था में अहम बदलाव किया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
राशन व्यवस्था (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: राज्य में दीपावली के मद्देनजर राशन कार्ड धारकों के लिए यह अच्छी खबर नहीं है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस वर्ष 19 जिलों में अंत्योदय लाभार्थियों को राशन वितरण प्रणाली में अहम बदलाव किए हैं।
राशन कार्ड धारकों को दिए जाने वाले गेहूं की मात्रा आधी कर दी गई है और उसको जगह ज्वार वितरित करने का निर्णय लिया गया है। इसके चलते, अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिक कुटुंब योजना के लाभार्थियों को अब गेहूं की जगह ज्वार मिलेगा।
सूत्रों ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में यह वितरण अक्टूबर और नवंबर के महीनों में किया जाएगा, और कुछ स्थानों पर दिसंबर तक जारी रहेगा। गत तीन वर्षों से त्योहारी सीजन में दिया जाने वाला ‘आनंदाचा शिधा भी इस वर्ष रद्द कर दिया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
नवभारत विशेष: महिला क्रिकेट का नया अध्याय, लॉर्ड्स में भारत की ऐतिहासिक टेस्ट जीत
Navabharat Nishanebaaz: चंदा चोरी से लेकर चादर चोरी आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी
नागपुर रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा: मालगाड़ी पर चढ़े व्यक्ति को 25 हजार वोल्ट का करंट, हालत गंभीर
छत्रपति संभाजीनगर मनपा का फैसला: तीन घंटे की बहस के बाद निजी एजेंसी से संपत्ति सर्वे का प्रस्ताव पास
नया वितरण पैटर्न लागू
- आपूर्ति विभाग के निर्देशानुसार, जिले में नया वितरण पैटर्न लागू किया गया है। यह वितरण राशन दुकानों के जरिए किया जाएगा।
- अंत्योदय अन्न योजना के तहत पहले हर महीने लाभार्थियों को 35 किलो गेहूं व 20 किलो चावल दिए जाते थे। अब, 7.5 किलो गेहूं, 7.5 किलो ज्वार और 20 किलो चावल वितरित किए जाएंगे।
- इसी तरह, प्राथमिक परिवार योजना के तहत प्रति व्यक्ति (प्रति यूनिट) 2 किलो गेहूं, 1 किलो ज्वार और 3 किलो चावल दिए जाएंगे।
ये भी पढ़ें :- Sambhajinagar में दिवाली से पहले खुशखबरी, मनपा कर्मचारियों को एडवांस और वेतन मिला
ज्वार का बंपर उत्पादन बना कारण
यह वितरण राष्ट्रीय खाच सुरक्षा अधिनियम के तहत ई-पॉस मशीनों के जरिए पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। विभाग के आदेशानुसार, पिछले विपणन सीजन (वर्ष 2024-25) में ज्वार के बंपर उत्पादन के चलते यह बदलाव किया गया है, राज्य में ज्वार का बड़ा उत्पादन हुआ था और समर्थन मूल्य पर खरीदा गया अतिरिक्त ज्यार स्टॉक में था। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में इसका उपयोग करने के लिए यह अहम निर्णय लिया गया है।
