Sambhajinagar Ram Navami Festival ( Source: Social Media )
Sambhajinagar Ram Navami Festival: रामनवमी के पावन अवसर पर गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर पूरी तरह राममय नजर आया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित राम मंदिरों में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और “जय श्री राम” के गगनभेदी नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ अन्नदान, रक्तदान और सामाजिक कार्यक्रमों ने इस उत्सव को सेवा और समर्पण का भी प्रतीक बना दिया। सुबह से ही मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ किराडपुरा, कैलासनगर, समर्थनगर, उस्मानपुरा सहित शहर के प्रमुख राम मंदिरों में सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।
मंदिरों को आकर्षक फूलों से सजाया गया था। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीराम का अभिषेक किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
दोपहर 12 बजे मनाया गया राम जन्मोत्सव दोपहर ठीक 12 बजे भगवान श्रीराम के जन्म का उत्सव मनाया गया। इस दौरान मंदिरों में आरती की गई और “जय श्री राम” के जयघोष से परिसर गूंज उठा। इसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया।
सातारा परिसर के आलोकनगर स्थित श्रीराम मंदिर में भी राम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया, दोपहर में आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरित किया गया।
इधर, ज्योतिनगर स्थित श्री विठ्ठल मंदिर परिसर में महिला भजन मंडल द्वारा भजन-कीर्तन और पाळना कार्यक्रम आयोजित किया गया, सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में सामूहिक आरती कर उत्सव मनाया गया, समर्थनगर के समर्थ राम मंदिर में अभिषेक, कीर्तन और आरती के साथ राम जन्मोत्सव मनाया गया, यहां रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान की गई।
उत्सव के दौरान शहर में पुलिस प्रशासन द्वारा कडे सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसरों और शोभायात्रा मार्गों पर विशेष बंदोवस्त किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
रामनवमी के इस अवसर पर छत्रपति संभाजीनगर में भक्ति, उत्साह और सामाजिक सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला, धार्मिक आयोजनों के साथ समाजसेवा की गतिविधियों ने इस पर्व को और भी खास बना दिया। पूरा शहर एकजुट होकर भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाता नजर आया।
शाम को शहर में भव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की सुंदर झांकियां सजाई गई थीं। भगवा ध्वज, भजन मंडलियां, महिला मंडल और बैंड पथक इस यात्रा में शामिल हुए।
रथयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई, उधर, शहर के उस्मानपुरा स्थित राम मंदिर में भी उत्सव बड़े उत्साह से मनाया गया, यहा अभिषेक के बाद 8 से 10 क्विंटल साबुदाना खिचड़ी का वितरण किया गया और सैकड़ों श्रद्धालुओं को महाप्रसाद दिया गया। साथ ही रक्तदान शिविर आयोजित कर लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया गया।
किराडपुरा स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर में बालाजी ट्रस्ट द्वारा पारंपरिक रूप से जन्मोत्सव मनाया गया। पुजारी विकास पालकर के नेतृत्व में अभिषेक किया गया। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए बूंदी का प्रसाद, पेयजल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। साथ ही रक्तदान शिविर का आयोजन कर समाजसेवा का संदेश दिया गया।