Bombay High Court को उड़ाने की धमकी, Aurangabad Bench में बढ़ी निगरानी

शुक्रवार को ईमेल के माध्यम से Bombay High Court को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। जिसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच की सुरक्षा बढ़ाने का आदेश पुलिस आयुक्त के द्वारा दिया गया है।
Bombay High Court Of Aurangabad Bench
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: शुक्रवार की दोपहर ई मेल के जरिए मुंबई हाईकोर्ट को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद राज्य में न्यायपालिका की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। इसी पृष्ठभूमि में पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर स्थित हाईकोर्ट खंडपीठ क्षेत्र में सतर्कता चढ़ा दी है।

पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने औरंगाबाद बेंच की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पुंडलिक नगर थाने के इंस्पेक्टर अशोक भंडारे ने बताया कि डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता और अन्य उपकरणों के साथ हाईकोर्ट परिसर का निरीक्षण किया गया, चालू वर्ष के आरंभ में औरंगाबाद पीठ की एक धमकी भरा ई मेल मिला था।

उस समय, पुलिस ने दोपहर में कड़ी सुरक्षा के साथ पूरी पीठ का निरीक्षण न किया था। डॉग स्क्वॉड और अम निरोधक दस्तों की मदद से तलाशी ली गई थी। एक साल पहले एक मुवक्किल द के पास चाकू भी मिला था। उस मामले - में मामला दर्ज किया गया था।

अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पुलिस सूत्रों की माने तो मुंबई खंडपीठ के औरंगाबाद बेंच क्षेत्र में लगभग एक बाने के लिए जरुरी पुलिस बल तैनात है। कुछ पुलिसकर्मी अदालत भवन में, कुछ परिसर में और कुछ न्यायाधीशों के आवासों पर तैनात हैं। आवश्यकतानुसार अदालत के मुख्य द्वारों पर लगेज स्कैनर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और हैंड-हेल्ड इंस्पेक्शन डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है। वर्तमान में, राज्य में 2,090 अदालतें हैं, और एक सरकारी अध्ययन में पाया गया है कि इनके लिए 8,228 अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों की आवश्यकता है।

इस सुरक्षा व्यवस्था पर सालाना 342 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, इसके लिए विभि एवं न्याय विभाग ने वित्त विभाग को एक प्रस्ताव भेजा है। हाल ही में, राज्य की सभी अदालतों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक याचिका भी दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान औरंगाबाद खंडपीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए धन की कमी का बहाना नहीं बनाया जा सकता।

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