‘भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’, NEET UG 2026 रद्द होने पर संभाजीनगर में छात्रों का उग्र प्रदर्शन
Sambhajinagar Paper Leak Protest: संभाजीनगर में नीट यूजी 2026 रद्द और पेपर लीक के विरोध में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने NTA और केंद्र सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए।
- Written By: अंकिता पटेल
संभाजीनगर नीट विरोध प्रदर्शन,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Sambhajinagar, NEET UG 2026 Cancellation: छत्रपति संभाजीनगर नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक मामले के विरोध में शुक्रवार को दिल्ली गेट स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय के सामने एकेडमिक जस्टिस कमेटी के नेतृत्व में जोरदार आंदोलन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न छात्र संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के खिलाफ गुस्सा जताया।
प्रदर्शन में भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष जयशील कांबले ने कहा कि पेपर लीक और उसके वाद सीबीआई जांच से यह साफ हो गया है कि राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है और सरकार इस मामले में जवाबदेही से बच नहीं सकती।
प्रसिद्ध नीट काउंसलर नजमुद्दीन सर ने कहा कि वर्ष 2024 के विवाद के बाद सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के बड़े दावे किए थे, लेकिन इसके बावजूद फिर से पेपर लीक होना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थी वर्षों की मेहनत और आर्थिक संघर्ष के बाद इस परीक्षा की तैयारी करते हैं।
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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष अभिषेक पाटिल ने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटाले शिक्षा व्यवस्था की विफलता को उजागर करते हैं, उन्होंने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
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एसआईओ के शहर अध्यक्ष आसिफ कुरैशी ने कहा कि वर्ष 2019 से 2024 के बीच देश के 16 राज्यों में पेपर लीक के 48 मामले सामने आए है। यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि एक संगठित भ्रष्ट तंत्र का संकेत है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा एनटीए और केंद्र सरकार को विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।
