
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Municipal election Ward dispute: छत्रपति संभाजीनगर मनपा चुनाव के नतीजे सामने आए करीब दो सप्ताह बीतने के बावजूद शहर के कुछ वॉडों में राजनीतिक लड़ाई अब भी जारी है। बताया जा रहा है कि चुनाव में पराजित उम्मीदवार विजयी उम्मीदवारों की जीत को चुनौती देने के लिए उनकी कथित खामियों की तलाश में जुट गए हैं।
अब इन संभावित कानूनी लड़ाइयों व शिकायतों को देखते हुए, राजनीतिक गलियारों में इस बार भी कुछ वॉडों में उपचुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए कई इच्छुक उम्मीदवार अभी से रणनीति बनाने व तैयारियों में जुट गए हैं।
कई वाँडों में नवनिर्वाचित नगरसेवकों के खिलाफ 2 से अधिक संतान होना, फर्जी जाति प्रमाण-पत्र पेश करना, मनपा की जमीन पर अतिक्रमण, गलत शपथ-पत्र दाखिल करने जैसे आरोप सामने आ रहे हैं। संबंधित मामलों के दस्तावेज हाथ लगते ही शिकायतों का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।
ये शिकायतें मनपा प्रशासन के साथ-साथ उच्च न्यायालय में भी दाखिल की जा सकती हैं। यदि तीन-चार वॉडों में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं, तो वहां उपचुनाव की स्थिति बन सकती है। याद रहें कि वर्ष 2015 में भी ऐसे ही कारणों से कुछ वॉर्डों में उपचुनाव कराए गए थे।
इसी क्रम में कटकट गेट क्षेत्र के एक वॉर्ड की नवनिर्वाचित नगरसेविका से जुड़ा मामला पहले ही उच्च न्यायालय पहुंच चुका है। एक अन्य प्रकरण में आरोप है कि एक नवनिर्वाचित नगरसेविका के पुत्र ने मनपा की जमीन पर अतिक्रमण कर रखा है।
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यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो संबंधित नगरसेविका की सदस्यता रद्द की जा सकती है। यही नहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की एक नवनिर्वाचित नगरसेविका के जाति प्रमाण-पत्र को लेकर भी विरोधियों ने उसे फर्जी बताते हुए आपत्ति दर्ज कराने की तैयारियां शुरू की है।






