
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Zilla Parishad Elections: छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, लातूर और धाराशिव जिलों में जिला परिषद व पंचायत समिति की सार्वत्रिक चुनाव प्रक्रिया 5 फरवरी 2026 को संपन्न होगी। 7 फरवरी 2026 को मतगणना कराई जाएगी।
चुनाव की पृष्ठभूमि पर राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने जिलावार तैयारियों की समीक्षा कर प्रशासनिक व पुलिस यंत्रणाओं को स्पष्ट निर्देश दिएआयुक्त वाघमारे ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निर्भय, पारदर्शी और शांतिपुण वातावरण में संपन्न होगी।
मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, ऐसा विश्वास भी उन्होंने व्यक्त किया। इसके लिए मतदाताओं में व्यापक जनजागृति अभियान को और तेज करने पर जोर दिया गया, विभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर, राज्य निर्वाचन आयोग के उपसचिव सूर्य कृष्णमूर्ति, चारों जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त तथा पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे। कुछ वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
पुलिस विभाग ने जानकारी दी कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, उड़न दस्ते, स्थिर पथक, वीडियो सर्वेक्षण दल, वारंट की तामिली और अवैध मद्य विक्री पर सख्त कार्रवाई की आ रही है। मतदान और मतगणना के दिन पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा, संभाजीनगर रेंज के विशेष पुलिस महानिरीक्षक वीरेंद्र मिश्र और नांदेड रेंज के विशेष पुलिस महानिरीक्षक शहाजी उमाप ने बताया कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर कड़ा बंदोबस्त रहेगा।
आयुक्त वाधमारे ने छत्रपति संभाजीनगर जिले में चलाए जा रहे मतदाता जनजागृति स्वीध उपक्रमों की सराहना की और अन्य जिलों को भी इसी तर्ज पर बड़े पैमाने पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने के लिए विशेष उपाययोजनाएं करने के आदेश दिए गए।
मतदाता सुचियों में दोबारा आए नामों को हटाने के लिए संबंधित मतदाताओं से सहमति पत्र भरवाने की कार्रवाई गंभीरता से करने पर भी जोर दिया गया। आदर्श आचार संहिता के दौरान प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए गए।
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आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव 2026 में लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तरह मैसूर स्याही का उपयोग किया जाएगा, जिलाधिकारियों ने बताया कि पर्याप्त मतदान केंद्र, ईवीएम मशीनों की उपलब्धता, मतदान अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, स्ट्रांग रूम की व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। मतदाता जागरूकता के लिए विविध उपक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसकी जानकारी संगणकीय प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी गई।






