Chhatrapati Sambhajinagar से किसानों को बड़ी सौगात, 2026 तक 100% सौर बिजली योजना
Maharashtra ने इतिहास रचते हुए देश की पहली किसान-विशेष बिजली कंपनी लॉन्च की। 2026 तक 16,000 मेगावाट सौर ऊर्जा का लक्ष्य तय, जिससे किसानों को दिन में मुफ्त और अटूट बिजली मिल सकेगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
छत्रपति संभाजी नगर (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: महाराष्ट्र ने रविवार को देश के कृषि इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपति संभाजीनगर से देश की पहली किसान-विशेष बिजली कंपनी ‘महाराष्ट्र स्टेट फार्मर्स इलेट्रिसिटी कंपनी’ की विधिवत घोषणा की।
यह कंपनी केवल और केवल किसानों के लिए होगी कोई औद्योगिक उपभोक्ता, न कोई घरेलू कनेक्शन, सिर्फ खेत और खलिहान को रोशन करने का संकल्प 116,000 मेगावाट सौर ऊर्जा, दिसंबर 2026 तक पूरा लक्ष्यपरियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण इसका अद्भुत पैमाना है।
दिसंबर 2026 तक 16,000 मेगावाट (16 गीगावाट) सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जो पूरे कृषि क्षेत्र को 100 प्रतिशत स्वच्छ, हरित और नवीकरणीय बिजली से आच्छादित कर देगा।
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इसके लिए एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) ने एक अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 8,500 करोड़ रुपये) की वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है। समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और काम शुरू होने की औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं।
प्रदूषण में आएगी गिरावट
- किसानों का बिजली बिल शून्य के करीब पहुंचेगा
- डीजल पंपों की खटखट बंद, धुंआ और शोर से मुक्ति
- कार्बन उत्सर्जन में लाखों टन की कमी
- दिन में 8-10 घंटे निश्चित बिजली, फसल चक्र में क्रांति
किसान की दूसरी आजादी
कृषि अर्थशास्त्री डॉ। अशोक गुलाटी ने इसे ‘भारत के ग्रामीण भाग्य का गेम चेंजर बताया, ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, इतने बड़े स्तर पर केवल कृषि के लिए समर्पित सौर परियोजना विश्व में भी दुर्लभ है।
सुझाव पर होगा अमल
सीएम ने आश्वासन दिया कि यह कंपनी पूरी तरह किसानों के हाथ में होगी और हर सुझाव पर तुरंत अमल किया जाएगा, छत्रपति संभाजीनगर की धरती से जो संदेश गया, वह पूरे देश के किसानों के लिए नई उम्मीद बना है।
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सूखे की मार झेल रहे इलाकों को मिलेगी जीवनरेखा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि परियोजना का सबसे बड़ा फोकस मराठवाड़ा, विदर्भ और पश्चिम महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्र होंगे, यहीं किसान आत्महत्या की सबसे ज्यादा मार झेल रहे हैं। पहले चरण में लगाए गए 1.5 लाख से अधिक सौर पंपों ने भूजल स्तर में 8 से 15 फीट तक की वृद्धि दर्ज की है, जिसे देखते हुए अब पूरे राज्य में दिन के समय मुफ्त और अटूट बिजली का सपना सच होने जा रहा है।
