Kolgaon Village Panchayat Office (फोटो क्रेडिट-X)
Kolgaon Village 500 Rupees Fine For Abusing: महाराष्ट्र के अहिल्या नगर (पूर्व नाम अहमदनगर) जिले के श्रीगोंडा तालुका स्थित कोलगांव ग्राम पंचायत ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक अनूठी और अनुकरणीय पहल की है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया है कि गांव में किसी की मां या बहन के खिलाफ अपशब्दों या गालियों का प्रयोग करने वाले व्यक्ति पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए उठाया गया यह कदम पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।
लगभग 9,000 की आबादी वाले इस कृषि प्रधान गांव में विभिन्न जाति और धर्म के लोग सौहार्द के साथ रहते हैं। सरकारी निर्देशों के अनुसार, वरिष्ठ आंगनवाड़ी सेविका शकुंतला देशमुख की अध्यक्षता में आयोजित इस महिला ग्राम सभा का उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाना था। इसी कार्यक्रम के दौरान गांव की एक जागरूक महिला और स्वयं सहायता समूह की सदस्य पूजा जगताप ने यह क्रांतिकारी विचार रखा, जिसे ग्राम पंचायत ने तुरंत स्वीकार कर लिया।
ग्राम सभा में इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई कि अक्सर झगड़ों या सामान्य बातचीत में भी महिलाओं को लक्ष्य कर गालियां दी जाती हैं, जिसे समाज ने सहजता से स्वीकार कर लिया है। इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए सरपंच पुरुषोत्तम लगड़ ने स्पष्ट किया कि 500 रुपये का जुर्माना केवल मौखिक शिकायतों पर नहीं, बल्कि डिजिटल साक्ष्य (वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग) प्रस्तुत करने पर ही लगाया जाएगा। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति निजी रंजिश निकालने के लिए इस कानून का दुरुपयोग न कर सके।
ये भी पढ़ें- MVA में दरार: शरद पवार की राज्यसभा एंट्री पर उद्धव गुट नाराज, कांग्रेस के हस्तक्षेप से बनी बात
सरपंच पुरुषोत्तम लगड़ के अनुसार, इस मुहिम को सफल बनाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से गांव की महिलाओं और बच्चों को सौंपी गई है, क्योंकि वे ही अक्सर ऐसे दुर्व्यवहार के गवाह बनते हैं। दोषियों से वसूला गया जुर्माना ग्राम पंचायत के कोष में जमा किया जाएगा और इसका उपयोग गांव के विकास कार्यों के लिए होगा। प्रस्ताव रखने वाली पूजा जगताप का मानना है कि मां-बहन के नाम पर दी जाने वाली गालियों को अपमानजनक माना जाना चाहिए, न कि एक सामान्य आदत, ताकि आने वाली पीढ़ी महिलाओं का वास्तविक सम्मान करना सीख सके।
अहिल्या नगर के कोलगांव केवल अपशब्दों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां अनुशासन के अन्य नियम भी लागू हैं। ग्राम सभा ने गंदगी फैलाने वालों पर फोटो साक्ष्य के आधार पर 100 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव भी पारित किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले एक साल से इस गांव में शाम 7 से 9 बजे तक ‘डिजिटल डिटॉक्स’ का पालन किया जाता है, जहां बच्चे और अभिभावक टीवी व मोबाइल बंद कर पढ़ाई करते हैं। यह गांव अब महाराष्ट्र के लिए एक ‘आदर्श गांव’ के रूप में उभर रहा है, जो अपनी सामाजिक कुरीतियों को नियमों के जरिए सुधार रहा है।