महाराष्ट्र सरकार की नई किसान ऋणमाफी योजना से 56 लाख किसानों का होगा फायदा, जानें कितने लाख तक होगी कर्जमाफी
Kisan Rinmukti Yojana 2026: महाराष्ट्र सरकार ने 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान ऋणमुक्ति योजना-2026' लागू की। पात्र किसानों को 2 लाख तक ऋणमाफी और नियमित भुगतान पर 50 हजार प्रोत्साहन मिलेगा।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
किसान ऋणमाफी योजना (सोर्स: AI)
Ahilyadevi Holkar Kisan Rinmukti Yojana 2026: लगातार सूखा, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और अनियमित वर्षा से प्रभावित मराठवाड़ा के किसानों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। राज्य सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान ऋणमुक्ति योजना-2026’ लागू कर राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी किसान ऋणमाफी योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस योजना के तहत पात्र किसानों को दो लाख रुपये तक की ऋणमाफी मिलेगी। साथ ही समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से राज्य के लगभग 56 लाख किसान लाभान्वित होंगे, जिनमें सबसे अधिक लाभ मराठवाड़ा के संकटग्रस्त जिलों के किसानों को मिलने की संभावना है।
मराठवाड़ा के किसानों को मिलेगी सबसे बड़ी राहत
छत्रपति संभाजीनगर, बीड, धाराशिव, जालना, लातूर, नांदेड़, परभणी और हिंगोली जिले वर्षों से सूखे, जल संकट और फसल नुकसान की मार झेल रहे हैं। कई किसानों पर फसल ऋण का भारी बोझ है, जिसके कारण वे नए कृषि ऋण लेने से भी वंचित हो जाते हैं।
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नई ऋणमुक्ति योजना ऐसे किसानों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। ऋणमाफी के बाद किसानों के बैंक खाते नियमित होंगे और उन्हें दोबारा खेती के लिए फसल ऋण मिलने का रास्ता आसान होगा। इससे खरीफ और रबी दोनों मौसम की खेती को नई गति मिलने की उम्मीद है।
दो लाख रुपये तक की ऋणमाफी का प्रावधान
योजना के अंतर्गत 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए अल्पकालीन फसल ऋण, पुनर्गठित तथा पुनर्पुनर्गठित ऋणों को शामिल किया गया है। 30 सितंबर 2025 तक बकाया तथा 31 मार्च 2026 तक अप्रदत्त ऋणों पर यह योजना लागू होगी।
पात्र किसानों के मूलधन और ब्याज सहित दो लाख रुपये तक के बकाया ऋण की माफी की जाएगी। इस बार भूमि धारण की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है, जिससे छोटे, सीमांत और अपेक्षाकृत बड़े किसान भी निर्धारित शर्तों के अनुसार योजना का लाभ ले सकेंगे।
दो लाख से अधिक ऋण वाले किसानों के लिए भी राहत
सरकार ने इस बार पूर्व की योजनाओं की एक बड़ी कमी को दूर किया है। पहले यदि किसी किसान का ऋण निर्धारित सीमा से थोड़ा भी अधिक होता था तो वह पूरी योजना से बाहर हो जाता था। अब यदि किसी किसान का बकाया दो लाख रुपये से अधिक है, तो वह अतिरिक्त राशि स्वयं जमा करके दो लाख रुपये तक की ऋणमाफी प्राप्त कर सकेगा।
अतिरिक्त राशि जमा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक का समय दिया गया है। इससे हजारों ऐसे किसानों को राहत मिलेगी, जो पहले पात्र होने के बावजूद लाभ से वंचित रह जाते थे।
ईमानदार किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन
राज्य सरकार ने नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों का भी विशेष ध्यान रखा है। वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में समय पर फसल ऋण चुकाने वाले पात्र किसानों को अधिकतम 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे समय पर ऋण चुकाने की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और अनुशासित किसानों का मनोबल बढ़ेगा।
ऑनलाइन और पारदर्शी होगी पूरी प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य रहेगा। राष्ट्रीयकृत, निजी, ग्रामीण, जिला सहकारी बैंक तथा प्राथमिक कृषि साख समितियों से लिए गए पात्र फसल ऋण योजना के दायरे में शामिल होंगे। संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कुछ वर्गों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ
सरकार ने योजना में कुछ श्रेणियों को अपात्र भी घोषित किया है। वर्तमान एवं पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधि, 25 हजार रुपये से अधिक वेतन पाने वाले सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, आयकरदाता, अधिक पेंशन पाने वाले पेंशनभोगी तथा कुछ सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी और अधिकारी इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना केवल ऋणमाफी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मराठवाड़ा की कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी। किसानों पर बढ़ता कर्ज कम होने से उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी, खेती में निवेश बढ़ेगा, नए फसल ऋण आसानी से उपलब्ध होंगे और ग्रामीण बाजारों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
लंबे समय से आर्थिक संकट झेल रहे मराठवाड़ा के किसानों के लिए किसान ऋणमाफी योजना नई उम्मीद लेकर आई है और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का आधार बन सकती है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
