बरसात से खरीफ फसलों को फायदा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar: दस दिन के अंतराल के बाद, गणेश उत्सव के दौरान भारी बारिश हुई है। दूसरे दिन शहर और जिले के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। गुरुवार को शहर में शुरू हुई यह बरसात शाम 5 बजे तक जारी रही, जिससे सड़कों पर पानी भर गया। शहर के किले अर्क क्षेत्र में स्थित वंदे मातरम और हज हाउस के सामने, जहां रोड डिवाइडर का काम चल रहा था, वहां वाहन चालक घुटनों तक भरे पानी में फंस गए। इसके अलावा, सूबेदारी विश्राम गृह के सामने रंगीन दरवाजे वाली सड़क पर भी पानी भर गया। खाम नदी भी उफान पर है।
ग्रामीण इलाकों में दोपहर 2:30 से 3 बजे के बीच शुरू हुई बारिश शाम 5:30 बजे तक होती रही। शहर में घरों और निचले इलाकों में पानी घुसने से नागरिकों में दहशत फैल गई। हालांकि, दमकल विभाग ने तुरंत पहुंचकर नागरिकों को राहत प्रदान की। कृषि अधिकारियों के अनुसार, यह इस मानसून सीजन की पहली बारिश है। किसानों ने बताया कि यह बारिश अरहर, सोयाबीन, कपास, मूंग और उड़द जैसी फसलों के लिए बहुत फायदेमंद है। इस तेज बारिश के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों के नाले, नदियां और तालाब उफान पर हैं।
बारिश के दौरान खड़केश्वर में वाचनालय और झांबड़ इस्टेट में पेड़ धाराशायी हो गए। इसके अलावा, पदमपुरा क्षेत्र में मैत्री नगर में एक अपार्टमेंट क्षेत्र में व दशमेश नगर में पानी इकट्ठा हो गया। इस बीच, सूचना मिलने पर मनपा दमकल विभाग के कर्मचारियों ने खड़केश्वर व शुभम हाउसिंग सोसाइटी में जाकर धराशायी पेड़ों को हटाकर यातायात सुचारु किया।
मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर और मराठवाड़ा संभाग में भारी बारिश के कारण ट्रेन सेवाएं बाधित हो गई हैं। मुंबई में रेलवे लाइनों पर जलभराव के कारण कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जबकि कुछ देरी से चल रही हैं। यात्रियों को परेशानी हो रही है, क्योंकि कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। कुछ ट्रेनें केवल मनमाड तक ही चल रही हैं। अकोला-पूर्णा, पूर्णा-अकोला, परली-आदिलाबाद, पूर्णा-जालना, नागरसोल-जालना, नांदेड़-मंदचल, अकोट से अकोट, अकोला से अकोला, अकोला से पूर्णा, तिरुपति से आदिलाबाद ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। आदिलाबाद- तिरुपति, आदिलाबाद से नांदेड़ ट्रेन फिर से शुरू हो गई हैं। जबकि तिरुपति से हिसार, नरसापुर नागरसोल रूट बदलकर चल रही हैं।