प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Maharashtra Crime: छत्रपति संभाजीनगर जिले के कन्नड़ तहसील के जामडी फॉरेस्ट शिवार में हुए एक बेहद क्लिष्ट हत्याकांड का खुलासा करते हुए ने ग्रामीण पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस सनसनीखेज मामले की विस्तृत जानकारी छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण के एसपी डॉ. विनय कुमार राठोड ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2026 को कन्नड ग्रामीण थाना क्षेत्र अंतर्गत जामडी फॉरेस्ट गांव के पास वन विभाग के क्षेत्र में एक अज्ञात पुरुष का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही स्थानीय अपराध शाखा और कन्नड ग्रामीण थाने के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
जांच के दौरान शव की पहचान जामडी निवासी राजू रामचंद्र पवार के रूप में हुई थी। इसके बाद मृतक के रिश्तेदार प्रकाश रामचंद्र पवार की शिकायत पर कन्नड ग्रामीण थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) और 238 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गयी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ। विनय कुमार राठोड और अपर पुलिस अधीक्षक अन्नपूर्णा सिंह ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच के निर्देश दिए, सहायक पुलिस अधीक्षक अपराजिता अग्निहोत्री (भा.पो.से.) के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक विजयसिंह राजपूत के नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित किया गया, जांच के दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर मृतक की अंडरपैट, टूटा हुआ मोबाइल और चप्पल अलग-अलग स्थानों पर मिले।
आरोपी महिला ने बताया कि 13 जनवरी 2026 को उसने मृतक को खेत में बुलाया। झाड़ियों में पहुंचते ही बेटे ने उसके सिर पर वार किया और महिला ने उसका गला व गुप्तांग दबाकर हत्या कर दी।
बाद में शव को पास के वन क्षेत्र में नाले के पानी में छिपा दिया गया पुलिस जांच में आरोपी बेटा धीरज क्राइम सीरियल क्राइम पेट्रोल, सीआईडी और फिल्म दृश्यम देखकर सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाता रहा, स्थानीय अपराध शाखा ने वंदना राजू पवार और उसके बेटे धीरज को गिरफ्तार कर लिया है।
आगे की जांच कन्नड ग्रामीण थाना कर रहा है। इस कार्रवाई में एसपी डॉ. विनय राठोड, अपर पुलिस अधीक्षक अन्नपूर्णा सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक अपराजिता अग्निहोत्री, पीआई विजय सिंह राजपूत, एपीआई पवन इंगले, सुधीर मोटे, पीएसआई महेश घुगे, विष्णु गायकवाड, रवि लोखंडे, प्रमोद पाटील, अशोक वाघ, शिवानंद बनगे सहित अन्य की भूमिका रही।
13 जनवरी से 20 जनवरी 2026 तक लगातार आठ दिन तक जांच की गई। इस दौरान 50 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ हुई, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद बंजारा समाज की भाषा जानने वाले गोपनीय सूत्रों की मदद से गांव में जानकारी जुटाई गई।
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जांच में सामने आया कि जिस स्थान के पास शव मिला, वह खेत राजू जोधा पवार का है, जो शासकीय कर्मचारी है। खेत की देखरेख उसकी पत्नी वंदना राजू पवार और उसका बेटा धीरज उर्फ टेमा राजू पवार कर रहे थे।
सख्त पूछताछ में वंदना पवार ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि मृतक उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था। इससे परेशान होकर उसने अपने बेटे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।