राज्य कैंसर संस्थान में 'टूबीम' सुविधा का उद्घाटन (सौजन्यः सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में एक व्यापक नीति लागू कर रही है और शीघ्र निदान, उपचार और रोकथाम के तीन सिद्धांतों पर काम चल रहा है। सरकारी कैंसर अस्पताल में रविवार को टू बीम यूनिट का लोकार्पण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने किया। इस उपलक्ष्य में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (घाटी) के महात्मा गांधी सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में मार्गदर्शन करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश में बड़े पैमाने पर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है और इस वर्ष कैंसर पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है।
नड्डा ने कहा कि जिसके कारण शीघ्र निदान के साथ ही नब्बे प्रतिशत रोगियों पर निदान के 30 दिनों के भीतर उपचार शुरू किया गया है, जिसका वैश्विक स्तर पर प्रभाव पड़ा। उन्होंने कैंसर अस्पताल में यूनिट के उद्घाटन पर खुशी जताते हुए कहा कि वर्ष 2019 में उन्होंने जहां पर भूमिपूजन किया, वहां पर इमारत देखकर खुशी हो रही है। उन्होंने कैंसर जैसे रोग को प्राथमिकता देने की बात करते हुए कहा कि इस वर्ष देश में 200 डे केयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने के लिए आधारभूत संरचना पर काम किया जा रहा है, जिसके चलते जल्द ही देश में 100 नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि टू बीम के चलते कैंसर रोगियों पर प्रभावी उपचार शुरू किया जा सकेगा। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पांच लाख रुपए तक निःशुल्क उपचार का प्रबंध किया गया है। देश में 780 चिकित्सा महाविद्यालय हैं और सरकार चिकित्सा शिक्षा के लिए रुपए की कमी नहीं होने देगी।
Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra: Union Health Minister JP Nadda was felicitated upon his arrival for the inauguration ceremony of the Beam Unit and the dedication of GMC & Cancer Hospital. Chief Minister Devendra Fadnavis was also present at the event pic.twitter.com/DnyuxWXuWp — IANS (@ians_india) April 27, 2025
नड्डा ने कहा कि इस वर्ष कैंसर पर ध्यान केंद्रित किया गया है। कैंसर का पता जल्द से जल्द लगाने के लिए स्क्रीनिंग की क्षमता बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में कई बदलाव किए जा रहे हैं। आने वाले समय में देश की स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत करने के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध कराई जाएगी। पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य विभाग के लिए सात हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। राज्य में दस नए चिकित्सा महाविद्यालय शुरू किए जा रहे हैं।
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कार्यक्रम के आरंभ में कैंसर अस्पताल के सलाहकार डॉ. कैलाश शर्मा ने कैंसर रोग और उपचार सुविधा को लेकर जानकारी दी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे, विपक्षी नेता अंबादास दानवे, सांसद डॉ. भागवत कराड़, सांसद संदीपान भुमरे, विधायक सतीश चव्हाण, संजय केणेकर, नारायण कुचे, अनुराधा चव्हाण, संजना जाधव, चिकित्सा विभाग के सचिव धीरज कुमार, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त राजीव निवतकर, घाटी अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ. शिवाजी सुक्रे, कैंसर अस्पताल के विशेष कार्य अधिकारी डॉ. अरविंद गायकवाड़, संचालक डॉ. अजय चंदनवाले आदि उपस्थित थे।
इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग के समन्वय से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बुनियादी कार्य किए जाएंगे। लोगों को तीन से चार किलोमीटर के भीतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए नए मॉडल पर काम जारी है। इस प्रयास के चलते यहां पर उपलब्ध कराई गई टू बीम सुविधा मराठवाड़ा के कैंसर रोगियों के लिए वरदान साबित होगी।
उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर में टू बीम जैसी अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध हो रही है। राज्य का यह पहला सरकारी अस्पताल है जहां पर टू बीम जैसी नई उपचार प्रणाली उपलब्ध कराई गई है। पहले कैंसर के मरीजों को मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल जाना पड़ता था, जिससे वहां पर रोगियों का काफी बोझ रहता था। अब मराठवाड़ा और अन्यत्र कैंसर रोगियों के लिए उपचार की सुविधाएं शुरू की गई हैं।
राज्य के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि कैंसर अस्पताल के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण दिन है। कभी एक सौ पलंग से शुरू किए गए कैंसर अस्पताल की वर्तमान क्षमता तीन सौ पलंग की है। कैंसर अस्पताल में जल्द ही पेट स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा से आग्रह किया कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (घाटी) को एम्स का दर्जा दिया जाए।