महाराष्ट्र बजट 2026: आदिवासी और दलित उत्थान के लिए 44,000 करोड़ का बड़ा दांव, जानें आपके लिए क्या है खास?
Maharashtra Budget 2026: महाराष्ट्र सरकार ने बजट 2026-27 में सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अनुसूचित जाति और जनजातीय विकास के लिए 44,000 करोड़ से अधिक का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Tribal Development Fund And Scheduled Caste Welfare Schemes: महाराष्ट्र सरकार ने 2026-27 के राज्य बजट में जनजातीय समुदायों और अनुसूचित जातियों के कल्याण और विकास के लिए 44,000 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव रखा है, जिसमें समग्र और समावेशी विकास के लिए अपनी दृढ़ता पर जोर दिया गया है। सीएम और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ट्राइबल सब-प्लान के तहत 21,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि अनुसूचित जातियों के डेवलपमेंट पर फोकस करने वाले प्रोग्राम के लिए 23,150 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं।
विजन डॉक्यूमेंट 2047 समाज के हर वर्ग की तरक्की के लिए कोशिश करता है। साथ ही सबको साथ लेकर चलने वाला विकास भी करता है। इसका मकसद सभी बच्चों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक माहौल पक्का करना, वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वस्थ, सुरक्षित और इज्जतदार जिंदगी और सभी को रोजी-रोटी देना है।
बजट में अनुसूचित जाति कल्याण के लिए क्या?
अनुसूचित जाति के विकास के लिए राजर्षि शाहू महाराज स्कॉलरशिप स्कीम, स्टूडेंट हॉस्टल, भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर एग्रीकल्चर सेल्फ-रिलायंस स्कीम, साहित्यरत्न लोकशहरी अन्नाभाऊ साठे अर्बन हैबिटेशन इम्प्रूवमेंट स्कीम वगैरह जैसी स्कीमें लागू की जा रही हैं। महात्मा फुले बैकवर्ड क्लास डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, साहित्यरत्न लोकशहरी अन्नाभाऊ साठे डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और संत रोहिदास लेदर इंडस्ट्रीज एंड चर्मकार डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के जरिए भी कई स्कीमें लागू की जा रही हैं। 2026-27 में सोशल कंपोनेंट सब प्लान के लिए 23 हजार 150 करोड़ रुपये का खर्च रखा गया है।
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जनजातीय विकास पर जोर
आदिवासी समाज के बड़े विकास के लिए रानी दुर्गावती महिला सशक्तिकरण योजना, शबरी ट्राइबल फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अमृत आहार योजना, नमो ट्राइबल स्मार्ट स्कूल अभियान, आइडियल आश्रम स्कूल, भगवान बिरसा मुंडा रोड कनेक्टिविटी योजना, ठक्कर बप्पा ट्राइबल डेवलपमेंट योजना, साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वयं योजना जैसे प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं।
बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना में जंगल से सटे गांवों में आदिवासी किसानों के लिए बोरवेल और सोलर पंप की इजाजत दी गई है। कातकरी, कोलम और माडिया जैसे खास तौर पर कमजोर आदिवासी ग्रुप के साथ-साथ पारधी समुदाय के बड़े विकास के लिए एक स्पेशल पैकेज के जरिए फंड रखा जाएगा। साल 2026-27 में ट्राइबल सब प्लान के तहत 21 हजार 723 करोड़ रुपये का खर्च रखा गया है।
समावेशी और समग्र विकास पर फोकस
यह सुनिश्चित करना है कि सबसे पिछड़े समूह के लोगों को राज्य आर्थिक विकास से फायदा मिले। सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य की विकास नीति में आखिरी छोर पर रहने वाली के लिए भी भागीदारी और विकास के मौके सुनिश्चित होने चाहिए, जिससे पूरे महाराष्ट्र में सामाजिक न्याय बढ़ेगा।
- 102 एडेड हॉस्टल पिछड़े वर्गों के लिए चलाए जा रहे हैं, जो एससी, भांग, वाल्मीकि और दूसरे कमजोर ग्रुप की सेवा करते हैं।
- 1,900 सेंटर्स के जरिए शिवभोजन स्कीम में करीब 4 करोड़ से अधिक लोगों को सब्सिडी वाला खाना मिलेगा
- 3 लाख से ज्यादा लोगों को दिव्यांग वेलफेयर डिपार्टमेंट संभालता है।
- 2.7 करोड़ से ज्यादा राशन कार्ड होल्डर पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में शामिल है।
जनकल्याण कार्यक्रमों को मजबूती
इस प्रावधान से अलग-अलग कल्याणकारी योजनाएं, विकास कार्यक्रम और इंस्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को समर्थन मिलेगा, जिनका मकसद आदिवासी और अनुसूचित जाति के समुदायों के लिए शिक्षा, नौकरी के अवसर और रहने की स्थिति को बेहतर बनाना है। इस पहल से सामाजिक जनकल्याण कार्यक्रमों के लिए अधिक आर्थिक मदद मिलने और पुराने समय से नजरअंदाज किए गए इलाको में विकास में तेजी आने की उम्मीद है।
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अन्य पिछड़ा वर्ग और बहुजन कल्याण को क्या मिला?
वसंतराव नाईक विमुक्त जाति और भटक्या जमाती डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और महाराष्ट्र स्टेट अन्य पिछडा वर्ग फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्परिशन के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजातियों के साथ-साथ स्पेशल पिछड़ा वर्ग के बड़े पैमाने पर विकास के लिए कई स्कीमें चलाई जा रही है। गन्ना मजदूरी के बच्चों के लिए संत भगवान बाबा गवर्नमेंट हॉस्टल स्कीम, आश्रम स्कूल, विद्यानिकेतन, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले स्कॉलरशिप स्कीम, डॉ. पंजाबराव देशमुख हॉस्टल स्कीम, वसंतराव नाईक टोडा हैबिटेशन इम्पूवमेंट स्कीम जैसे प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। धनगर और गोवारी समुदायों के लिए कई स्कीमें चलाई जा रही है। इन स्कीमों के लिए साल 2026-27 में काफी फंड दिया जाएगा।
