प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Ummeed Mall Maharashtra: महाराष्ट्र में बजट में फडणवीस सरकार से उम्मीद की जा रही थी कि ‘लाड़ली बहन’ योजना की राशि पूर्व घोषणा के अनुसार बढ़ाकर 2,100 रुपये कर दी जाएगी, जो नहीं हुई हालांकि ग्रामीण आजीविका उत्थान मिशन यानी गांव में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य पर जरूर जोर दिया गया है। बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मिशन के तहता अब तक लगभग 37 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाई जा चुकी हैं। अब लक्ष्य 2026-2027 में 25 लाख और बहनों को ‘लखपति दीदी’ बनाया जाएगा।
इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूहों के सामान और उनकी बिक्री के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका सुधार मिशन के तहत स्थापित महिला स्वय सहायता समूहों के सामान और बिक्री के लिए उचित बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, पहले चरण में 13 जिलों मो ‘उम्मीद मॉल जिला बिक्री केंद्र’ की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह मंजूरी केंद्र की ‘महिला केंद्रित शी मॉल’ योजना का ही हिस्सा होगी, जिसमें स्वसहायता समूहो द्वारा तैयार किए सभी सामान उपलब्ध होंग और इसका संचालन भी महिलाएं ही करेंगी। इससे होने वाली आय समूह की महिलाओं को ही प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अकेली महिलाओं के कल्याण के लिए भी एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य के सभी जिलों में अकेली महिलाओं का सर्वेक्षण चल रहा है और इसके पूरा होने के बाद, उचित विश्लेषण किया जाएगा और अकेली महिलाओं के कल्याण के लिए एक उपयुक्त नीति लाई जाएगी।
ग्रामीण आजीविका उत्थान मिशन के तहत सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी महिलाओं को छोटे-मोटे काम शुरू करने में मदद की जाती है। इससे उन्हें हर साल कम से कम 1,00,000 रुपये की लगातार आय हो सकती है। इस स्कीम के तहत महिलाओं को सिलाई, प्लंबिंग एलईडी बल्ब बनाने से लेकर ड्रोन चलाने तक का फील्ड में ट्रेनिंग दी जाती है। ‘लखपति दीदी योजना‘ महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार की सबस बड़ी स्कीम है। इस साल के केंद्रीय बजट में इस स्कीम को और बढ़ाय गया। इस स्कीम का मुख्य मकसद गांव की महिलाओं क आर्थिक मौके देना, उन्हें बढ़ाना और उन समूहों को औन मजबूत करना है जो इस योजना में शामिल हैं।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र बजट 2026-27: क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा? CM फडणवीस ने किए बड़े ऐलान, देखें पूरी लिस्ट
महिलाओं की भलाई के मामले में राज्य ने महिलाओं के खिलाफ अपराधी और काम की जगह पर होने वाले उत्पीड़न से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए सरकारी और प्राइवेट सस्थानों में फास्ट ट्रैक कोर्ट ‘भरोसा’ सेल के साथ-साथ 1.19 लाख से ज्यादा शिकायत सुलझाने वाली कमेटियां बनाई है। 2025 में राज्य में महिलाओं के खिलाफ 50,350 अपराध दर्ज किए गए, जबकि 2024 में 46,320 और 2023 में 47,029 मामले दर्ज किए गए। इससे महिलाओं की सुरक्षा और सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने के लिए लगातार कोशिशों की जरूरत पर जोर दिया गया है। राज्य सरकार पूरे महाराष्ट्र में हेल्थ, एजुकेशन, न्यूट्रिशन और सोशल सिक्योरिटी के नतीजों की बेहतर बनाने के लिए कई सोशल वेलफेयर और डेवलपमेंट स्कीम लागू कर रही है।