छत्रपति संभाजीनगर: जलापूर्ति परियोजना बनी मुसीबत? सड़कें खोदीं, मरम्मत अधूरी! वाहन चालकों का सफर हुआ मुश्किल
Sambhajinagar Water Pipeline: नई जलापूर्ति योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की खराब मरम्मत से शहर में गड्ढे बढ़ गए हैं। बरसात में हादसों का खतरा और नागरिकों की परेशानी बढ़ रही है।
- Written By: अंकिता पटेल
जलापूर्ति योजना, पाइपलाइन,संभाजीनगर, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sambhajinagar Road Damage: छत्रपति संभाजीनगर नई जलापूर्ति योजना के अंतर्गत शहर में जल पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन खुदाई के बाद सड़कों की घटिया मरम्मत ने नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों को वैज्ञानिक तरीके से पूर्ववत करने के बजाय केवल मिट्टी और सीमेंट-कंक्रीट डालकर गड्ढे भर दिए गए हैं।
इससे शहर की कई प्रमुख सड़कें उखड़ गई हैं और वाहन चालकों को रोजाना झटकों भरा सफर करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में कीचड़ और गड्डों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
जल पाइपलाइन के बाद खराब सड़क मरम्मत से नागरिक परेशान
महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) की ओर से जीवीपीआर कंपनी के माध्यम से शहर में लगभग 1,900 किलोमीटर लंबी आंतरिक जल पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इनमें से करीब 1,200 किलोमीटर पाइपलाइन का कार्य पूरा हो चुका है।
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हालांकि, जिन क्षेत्रों में काम पूरा हुआ है, वहां सड़कों की मरम्मत बेहद खराब गुणवत्ता की होने से नागरिकों में भारी नाराजगी है। कई स्थानों पर सड़क किनारे भी ठीक से नहीं भरे गए हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
खराब गुणवत्ता से नागरिकों में भारी नाराजगी
अमरप्रीत चौक, मोंढा नाका, आकाशवाणी से एसएफएस स्कूल, मिल कॉर्नर से अंजली टॉकीज, रेलवे स्टेशन के सामने का मार्ग, पिसादेवी रोड से सावित्रीनगर तथा कामगार चौक से सिडको तक के प्रमुख मार्ग जल पाइपलाइन कार्य के बाद बदहाल हो गए हैं। इन मार्गों से प्रतिदिन हजारों वाहन चालक जोखिम उठाकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
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महापौर समीर राजूरकर ने कहा कि जल पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों को पूर्ववत करना महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण और ठेकेदार की जिम्मेदारी है। प्रशासन को खुदाई, मरम्मत और उस पर हुए खर्च का देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिवेदन के बाद आगे की कार्रवाई और आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
