Sambhajinagar: 54 करोड़ की साइबर ठगी, उद्यमी को पानी बिल अपडेट करने के नाम पर की धोखाधड़ी

Cyber ​​Fraud: एमआईडीसी का अधिकारी होने का झांसा देकर व उद्यमी का मोबाइल हैक करने के साथ ही नेट बैंकिंग की जानकारी जुटाने के बाद साइबर बदमाशों ने उद्यमी को 53 लाख, 81,000 रुपए का चूना लगाया।
54 करोड़ की साइबर ठगी
54 करोड़ की साइबर ठगी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Chhatrapati Sambhajinagar: वॉटर बिल अपडेट करने के नाम पर एक 81 वर्षीय उद्यमी को 53 लाख, 81,000 रुपए का चूना लगाने की घटना प्रकाश में आई है। एमआईडीसी का अधिकारी होने का झांसा देकर व उद्यमी का मोबाइल हैक करने के साथ ही नेट बैंकिंग की जानकारी जुटाने के बाद साइबर बदमाशों ने बैंक खाते से मियादी जमाएं अर्थात एफडी तोड़कर 53 लाख, 81,000 रुपए का चूना लगाने की घटना 14 से 16 अगस्त के बीच बजाज नगर क्षेत्र में हुई। ठग ने एमआईडीसी का अधिकारी होने का झांसा देकर व भरोसा हासिल करने के लिए एमआईडीसी का लोगो अपने मोबाइल की डीपी पर रखा था।

उद्यमी को चेतावनी दी थी कि एमआईडीसी का पानी का बिल तुरंत अपडेट नहीं करने पर पानी का कनेक्शन हमेशा के लिए काट दिया जाएगा। इस मामले में वालूज एमआईडीसी के वरिष्ठ उद्यमी भगवानदास रामजीदास अहूजा (81, बजाज नगर, एमआईडीसी वालूज) ने फरियाद दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि, 14 अगस्त को उनके मोबाइल नंबर पर दिव्येश जोशी नामक व्यक्ति का फोन आया जिसने एमआईडीसी के पानी विभाग का अधिकारी होने की जानकारी उन्हें दी।

पानी कनेक्शन काटने की दी धमकी

दिव्येश ने अहूजा को एमआईडीसी का पानी बिल तुरंत अदा करने के लिए वॉटर बिल अपडेट एपीके एप डाउनलोड करने के लिए कहा, पानी बिल का तुरंत भुगतान नहीं करने पर स्थाई रूप से कनेक्शन काटने की देतावनी भी संदेश से दी गई। उसके मोबाइल फोन पर एमआईडीसी का लोगो दिखने से अहूजा को उस फर्जी अधिकारी पर विश्वास हो गया, एप डाउनलोड करने के बाद उन्हें 13 वर्षों के लिए 13 रुपए भरने के लिए कहा गया। उसी समय खुद को वॉटर अधिकारी बताने वाले दिव्येश जोशी नामक शख्स का वॉट्स एप कॉल आया और उसने नेट बैंकिंग के जरिए पैसे भरने के लिए कहा।

ये भी पढ़े:

नेट बैंकिंग का लिया नंबर

अहूजा ने उसे स्पष्ट रूप से कहा कि वे नेट बैंकिंग का इस्तेमाल नहीं करते, मगर जोशी ने कहा कि उन्हें नेट बैंकिग के जरिए पैसे जमा करने ही होंगे. इसके बाद अहुजा बैंक में गए व दोनों खातों पर नेट बैंकिंग शुरू की। यही नहीं, जोशी ने वॉट्स एप कॉल करते हुए कहा कि फॉर्म बड़ा होने की जानकारी देते हुए घर पर जाकर भरने की सलाह देते हुए उनसे बैंक का नेट बैंकिग नंबर लिया।

इसके बाद अहूजा का मोबाइल पूरी तरह हैक होने से ओटीपी, मेसेज, ई-मेल आना बंद हो गए। इस तरह आरोपियों ने उनके दोनों बैंक खातों की 8 एफडी तोड़कर 53 लाख, 81,004 रुपए अलग-अलग खातों में मोडने व कुछ राशि बंधन बैंक खाते में जमा करने का खुलासा हुआ। ठगी के खुलासे के बाद अहूजा ने पुलिस की साइबर अपराध शाखा में फरियाद दी। आरोपी दिव्येश जोशी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आगे की जांच एमआईडीसी वालूज पुलिस थाने के निरीक्षक रामेश्वर गाड़े कर रहे है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com