Sambhajinagar: श्रमिकों के बर्तन सेट वितरण में गड़बड़ी, मजदूरों में आक्रोश और आंदोलन की चेतावनी
Sambhajinagar: निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की बर्तन सेट वितरण योजना में अनियमितताओं के आरोप के चलते हजारों मजदूरों को खाली हाथ लौटना पड़ा। आचार संहिता लागू होने का हवाला देकर वितरण रोक दिया गया।
- Written By: अपूर्वा नायक
बर्तन सेट वितरण योजना (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की बर्तन सेट वितरण योजना में बड़ा गड़बड़ घोटाला सामने आया है। पात्र लाभार्थियों के केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद बर्तन सेट नहीं मिलने से हजारों मजदूर खाली हाथ लौट गए।
योजना के तहत कई जगहों पर चर्चा है कि 2,000 रुपए दिए बिना बर्तन सेट नहीं मिल रहा है। इस खबर से मजदूरों में भारी रोष फैल गया है। आक्रोशित मजदूरों ने पूछा कि ‘क्या यह योजना श्रमिकों के लिए है या बिचौलियों के लिए।
इस पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग मजदूर संगठनों ने की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाभार्थियों को पहले ही सूचित किया गया था कि 9 व 16 नवंबर को बर्तन सेट वितरित किए जाएंगे। मगर, आचारसंहिता लागू होने का हवाला देते हुए अधिकारियों के वितरण से पीछे हटने से कई मजदूर तीन-चार घंटे इंतजार के बाद निराश होकर लौट गए।
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आचार संहिता लागू होने से वितरण रोका
श्रम सहायक आयुक्त बीजी बोरसे ने कहा कि कंपनी से सामग्री समय पर नहीं मिली। 4 नवंबर को आचार संहिता लागू होने से वितरण रोकना पड़ा। मुख्यालय से दिशा निर्देश मिलने के बाद ही सेट वितरित किए जाएंगे।
रेलवे स्टेशन एमआईडीसी केंद्र के कंपनी प्रतिनिधि राहुल सोनवणे ने कहा कि कंपनी की ओर से बर्तन सेट की सप्लाई देर से आने वाली थी। लाभार्थियों का पंजीकरण रद्द न हो इसके लिए पहले केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की गई, 4 नवंबर को आचार संहिता लागू होने के बाद र श्रमिक बोर्ड ने वितरण पर रोक लगा दी है।
पोर्टल पर अपलोड किए गए थे फोटो
3 व 4 नवंबर को जिले के हजारों मजदूरों की केवाईसी प्रक्रिया पूरी की गई थी। उस दौरान प्रत्येक मजदूर का फोटो बर्तन सेट के साथ खींचकर पोर्टल पर अपलोड किया गया था। सारी प्रक्रिया पूरी होने व मंजूरी मिलने के बावजूद अब आचार संहिता का बहाना बनाकर वितरण रोके जाने से मजदूरों में भ्रम व आक्रोश है।
मजदूरों का कहना है कि जब अधिकारी बर्तन सेट का नाम सुनकर भी मुंह फेरते हैं, तो क्या यह पूरा कार्यक्रम महज दिखावा था? मजदूर पूछ रहे हैं कि ‘क्या यह योजना श्रमिकों के लिए है या बिचौलियों के लिए?’ इस पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग मजदूर संगठनों ने की है।
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श्रमिक संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
राज्यभर के हजारों निर्माण मजदूर अब भी असमंजस में हैं कि उन्हें बर्तन सेट मिलेगा या नहीं। प्रशासन ने कहा है कि स्पष्ट आदेश आने तक इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इस बीच, मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि वितरण नहीं हुआ और अनियमितताओं पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन का मार्ग अपनाया जाएगा।
