वसंतराव नाईक की प्रतिमा का हुआ अनावरण, CM फडणवीस ने 'जलयुक्त शिवार' को बताया उनकी विरासत

Chhatrapati Sambhajinagar: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपति संभाजीनगर में वसंतराव नाईक और स्वतंत्रता सेनानी स्वामी रामानंद तीर्थ की प्रतिमाओं का अनावरण किया।
CM Devendra Fadnavis unveiled statues of Vasantrao Naik and Swami Ramanand Tirtha
वसंतराव नाईक और स्वतंत्रता सेनानी स्वामी रामानंद तीर्थ की प्रतिमाओं का अनावरण करते सीएम फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
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CM Devendra Fadnavis Unveiled Statues Of Vasantrao Naik: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को छत्रपति संभाजीनगर में पूर्व सीएम वसंतराव नाईक और स्वतंत्रता सेनानी स्वामी रामानंद तीर्थ की प्रतिमाओं का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की प्रमुख जल संरक्षण योजना 'जलयुक्त शिवार', दिवंगत नाईक द्वारा शुरू की गई पहल पर आधारित है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को छत्रपति संभाजीनगर में पूर्व मुख्यमंत्री (दिवंगत) वसंतराव नाईक की प्रतिमा का अनावरण दौरान, उन्होंने जल संरक्षण की दिशा में नाईक के नेतृत्व और कार्य की जमकर सराहना की। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि भाजपा नीत सरकार की प्रमुख जल संरक्षण योजना 'जलयुक्त शिवार' उन्हीं की पहल पर आधारित है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जल संरक्षण में वसंतराव नाईक के निरंतर कार्य ने महाराष्ट्र को खाद्यान्न और पानी के मामले में आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार नाईक के पदचिह्नों पर चलते हुए ही ‘जलयुक्त शिवार' योजना को आगे बढ़ा रही है।

1972 के भयंकर सूखे में नाईक का योगदान

मुख्यमंत्री ने उस चुनौतीपूर्ण समय को याद किया जब महाराष्ट्र को 1972 में भयंकर सूखे का सामना करना पड़ा था। फडणवीस ने बताया कि उस समय नाईक ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को रोज़गार प्रदान किया था।

बंजारा समुदाय के लिए ₹700 करोड़ के कार्य

वसंतराव नाईक के बंजारा समुदाय से आने का उल्लेख करते हुए, फडणवीस ने इस समूह के कल्याण के लिए सरकार द्वारा किए गए निवेश पर भी बात की। उन्होंने बताया कि बंजारा समुदाय का 'वाराणसी' माने जाने वाले पोहरादेवी में 700 करोड़ रुपये मूल्य के कार्य किए गए हैं। इसके अलावा, फडणवीस ने यह भी बताया कि 'टांडा' (बंजारा बस्तियों) को अब गांव का दर्जा दिया जा रहा है, जिसके चलते नई ग्राम पंचायतों का गठन हो रहा है।

स्वामी रामानंद तीर्थ और मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम

इस कार्यक्रम के दौरान, छत्रपति संभाजीनगर के क्रांति चौक पर स्वतंत्रता सेनानी स्वामी रामानंद तीर्थ की आवक्ष प्रतिमा का भी अनावरण किया गया। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठवाड़ा के मुक्ति संग्राम का इतिहास भी सुनाया।

उन्होंने बताया कि भारत को स्वतंत्रता मिलने के 13 महीने बाद यानी 17 सितंबर, 1948 को मराठवाड़ा क्षेत्र को निज़ाम शासन से आज़ाद कराया गया था। निज़ाम शासन के खिलाफ इस लड़ाई का नेतृत्व स्वामी रामानंद तीर्थ ने किया था, जिन्होंने हजारों लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था।

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