लाडकी बहिन योजना: रुक गई है आपकी किश्त? सरकार ने दिया e-KYC सुधारने का आखिरी मौका, जानें पूरी प्रक्रिया

Ladki Bahin Yojana eKYC Update: लाडकी बहिन योजना के रुके हुए पैसे पाने के लिए 31 मार्च 2026 तक ई-केवायसी सुधारने का अंतिम मौका। जानें कैसे करें सुधार और कब मिलेगी बकाया राशि।
Ladki Bahin Yojana eKYC Update
Ladki Bahin Yojana eKYC Update (डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

Ladki Bahin Scheme eKYC Last Chance: महाराष्ट्र की 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' के लाभार्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने उन महिलाओं को राहत दी है जिनका पैसा ई-केवायसी (e-KYC) में हुई गलतियों के कारण रुक गया था। जानकारी के मुताबिक, केवायसी प्रक्रिया के दौरान गलत जानकारी भरने या दस्तावेजों में विसंगति होने की वजह से कई महिलाओं के बैंक खातों में दिसंबर महीने से किश्तें जमा होना बंद हो गई थीं।

अब सरकार ने इन कमियों को सुधारने के लिए महिलाओं को 'अंतिम अवसर' प्रदान किया है। लाभार्थी महिलाएं 31 मार्च 2026 तक अपनी जानकारी को अपडेट कर सकती हैं। यह मौका उन हजारों महिलाओं के लिए जीवनदान साबित होगा जो तकनीकी कारणों से लाडकी बहिन योजना के लाभ से वंचित रह गई थीं।

31 मार्च तक सुधार का मौका और केवायसी प्रक्रिया

केवायसी में सुधार करने की प्रक्रिया काफी सरल रखी गई है। लाभार्थी महिलाओं को सबसे पहले योजना के आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी 'सेतु' (CSC) केंद्र पर जाना होगा। वहां अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी (OTP) के जरिए लॉगिन करना होगा। लॉगिन के बाद ई-केवायसी सेक्शन में जाकर पुरानी जानकारी की जांच करनी होगी। यदि नाम, आधार नंबर या बैंक विवरण में कोई गलती है, तो उसे सही दस्तावेजों के अनुसार अपडेट कर सबमिट करना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुधार के बाद पात्रता सुनिश्चित होते ही लाभ फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

अप्रैल में मिल सकते हैं रुके हुए हप्ते

जिन महिलाओं की किश्तें दिसंबर से रुकी हुई हैं, उनके लिए एक और अच्छी खबर है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, जिन लाभार्थियों की केवायसी दुरुस्ती 31 मार्च तक सफलतापूर्वक पूरी हो जाएगी, उन्हें पिछले महीनों का बकाया पैसा एक साथ दिया जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल 2026 में लाभार्थियों के खातों में दिसंबर से मार्च तक की सभी रुकी हुई किश्तें एकमुश्त (Bulk Payment) जमा की जाएंगी। इससे लाडकी बहिन योजना की लाभार्थी महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

केवायसी की शुद्धता पर विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) वाली योजनाओं में केवायसी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। अक्सर देखा गया है कि आधार कार्ड और बैंक खाते के नाम में थोड़ा भी अंतर होने पर सॉफ्टवेयर किश्त रोक देता है। इसलिए महिलाओं को सलाह दी गई है कि इस बार सुधार करते समय बैंक पासबुक और आधार कार्ड को साथ रखें ताकि कोई नई गलती न हो। यदि 31 मार्च की समय सीमा चूक गई, तो भविष्य में इस योजना का लाभ पाना मुश्किल हो सकता है। यह अंतिम अवसर महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके वित्तीय अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार का एक बड़ा कदम है।

Navbharat Live
navbharatlive.com