Sambhajinagar Agricultural Innovation( Source: Social Media )
Sambhajinagar Agricultural Innovation: छत्रपति संभाजीनगर वसंतराव नाईक मराठवाडा कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कार्यरत बायोमिक्स अनुसंधान केंद्र ने कुलगुरु प्रो. (डॉ.) इन्द्र मणि के मार्गदर्शन में बायोमिक्स उत्पाद की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।
इस वृद्धि से विश्वविद्यालय की आय में बढ़ोतरी हुई है और किसानों की उत्पादन क्षमता में भी सकारात्मक प्रभाव देखा गया है। कुलगुरु के निर्देशानुसार मराठवाड़ा क्षेत्र के विभिन्न कृषि महाविद्यालयों तथा संबंधित जिलों के अनुसंधान और विस्तार कार्यालयों के माध्यम से किसानों तक बायोमिक्स उत्पाद पहुंचाया गया।
इससे किसानों को परभणी आकर उत्पाद खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ी और उनका समय तथा यात्रा खर्च दोनों की बचत हुई। पिछले चार वर्षों में इस उत्पाद की मांग लगातार बढ़ी है।
वर्ष 2022-23 में लगभग दो करोड़ तेईस लाख रुपये की बिक्री दर्ज की गई और यह उत्पाद 13,878 किसानों तक पहुंचा। इस अवधि में लगभग 21,858 हेक्टेयर क्षेत्र में इसका उपयोग किया गया।
वर्ष 2023-24 में बिक्री बढ़कर लगभग दो करोड़ चौबीस लाख रुपये तक पहुंच गई। इस दौरान 22,122 किसानों ने इसका उपयोग किया और लगभग 22,012 हेक्टेयर क्षेत्र इसमें शामिल रहा।
बायोमिक्स विभिन्न उपयोगी जैविक घटकों का मिश्रण है। यह फसलों में कीट और रोग नियंत्रण, उत्पादन वृद्धि तथा मिट्टी की उर्वरता सुधारने में प्रभावी साबित हो रहा है।
इसके उपयोग से रासायनिक कीटनाशकों पर होने वाला खर्च भी कम होता है और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलता है। बायोमिक्स अनुसंधान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ, चंद्रशेखर अंबाडकर ने बताया कि यह उत्पाद अ केवल मराठवाड़ा ही नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र और राज्य के बाहर भी किसानों में लोकप्रिय हो रहा है। उत्पाद के रूप में पहचान मिल रही है।
वर्ष 2024-25 में बिक्री में बड़ी वृद्धि हुई और यह लगभग चार करोड़ उन्यासी लाख रुपये तक पहुंच गई। इस वर्ष 52,652 किसानों तक यह उत्पाद पहुंचा और करीब 62,042 हेक्टेयर क्षेत्र में इसका उपयोग किया गया।
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वर्ष 2025-26 में बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया और यह लगभग छह करोड़ छियालिस लाख रुपये तक पहुंच गई। इस अवधि में 69,079 किसानों तक बायोमिक्स उत्पाद पहुंचाया गया और लगभग 73,750 हेक्टेयर क्षेत्र में इसका प्रसार हुआ।