

Amravati District Administration Action Plan News: अमरावती हर वर्ष गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही जिले में जल संकट गंभीर रूप धारण कर लेता है। इस वर्ष भी जिले के 545 गांवों में संभावित पानी की कमी को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जल संकट से निपटने के लिए 19 करोड़ 7 लाख 55 हजार रुपये की लागत का कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस योजना के अंतर्गत कुल 722 राहत उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। गर्मी की पृष्ठभूमि में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या गहराने के संकेत मिलने लगे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिला परिषद के ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग द्वारा विस्तृत योजना तैयार की गई है। इस योजना के माध्यम से जलस्त्रोतों का अधिग्रहण, नल योजनाओं की मरम्मत तथा आवश्यकता अनुसार टैंकरों से जल आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी।
आगामी संकट को देखते हुए जिले के 14 तहसीलों में अतिरिक्त 143 निजी कुओं के अधिग्रहण का प्रस्ताव है, वहीं 286 स्थानों पर नल योजनाओं की मरम्मत की योजना बनाई गई है। जल संकट की तीव्रता को देखते हुए चिखलदरा तहसील के 83 गांव तथा धारणी तहसील के 75 गांव को सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
इन क्षेत्रों में जलस्त्रोत अधिग्रहण, नल योजनाओं की मरम्मत और टैंकरों से जल आपूर्ति जैसी विभिन्न राहत उपायों को कार्ययोजना में सम्मिलित किया गया है, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत 19 करोड़ 7 लाख 55 हजार रुपये के बजट से सभी प्रस्तावित उपायों को समय पर लागू कर ग्रामीण नागरिकों को गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से राहत दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
सबसे अधिक प्रभाव चिखलदरा तहसील में पड़ने की संभावना है, जहां 15 गांवों में गंभीर जल संकट की आशंका जताई गई है। इन गांवों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा जिले में वर्तमान में 537 नल योजनाएं, 1,772 हैंडपंप, 399 विद्युत पंप, 1,170 सार्वजनिक कुएं तथा 2,056 निजी कुओं को अधिग्रहित कर जल आपूर्ति की जा रही है।