'कानून नहीं, बम से चलता है पश्चिम बंगाल', राज्य की हालत देख बिफरीं निर्मला सीतारमण; ममता सरकार को जमकर घेरा

Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री ने जंगल महल क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि तेंदू पत्ता पर टीसीएस को पांच प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत किया गया है, जिससे बंगाल के लोगों को लाभ मिलेगा।
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nirmala Sitharaman On West Bengal: लोकसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून का राज नहीं बल्कि हिंसा और बम की राजनीति हावी है। वित्त मंत्री ने कहा कि टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि बजट में पश्चिम बंगाल का एक बार भी उल्लेख नहीं किया गया, जो पूरी तरह गलत है।

इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल 'पूर्वोदय योजना' में एक महत्वपूर्ण राज्य है। ईस्टर्न इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है और इसका दुर्गापुर एंकर होगा। इसके साथ ही वाराणसी से सिलीगुड़ी तक हाईस्पीड ट्रेन परियोजना सिलीगुड़ी तक पहुंचेगी, जिसका लाभ उत्तर बंगाल को मिलेगा।

जूट उद्योग से बंगाल को फायदा

निर्मला सीतारमण ने कहा कि जूट उद्योग को लेकर जो घोषणाएं की गई हैं, उनका सीधा लाभ पश्चिम बंगाल को मिलेगा। उन्होंने बताया कि लेदर एक्सपोर्ट और ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट की योजनाओं से भी राज्य के उद्योगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि पूर्वोदय योजना के तहत पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जाएगा और राज्य सरकार अपनी इच्छा के अनुसार इसमें भाग ले सकती है।

जंगल महल क्षेत्र का वित्त मंत्री ने किया जिक्र

वित्त मंत्री ने जंगल महल क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि तेंदू पत्ता पर टीसीएस को पांच प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत किया गया है, जिससे बंगाल के लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने विपक्ष पर गलत आरोप लगाने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र सरकार ने केमिकल पार्क की घोषणा की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पश्चिम बंगाल सरकार हल्दिया केमिकल यूनिट के पास केमिकल पार्क बनाने की पहल नहीं कर सकती।

अभिषेक बनर्जी के आरोपों को किया खारिज

वित्त मंत्री ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने बहुत ध्यान से उनका भाषण सुना और उन्हें दुख हुआ कि सदन में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उन्होंने जीएसटी को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से दूध पर जीएसटी नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर कोई जीएसटी नहीं है और किताबें, नोटबुक, पेंसिल शॉर्पनर और इरेजर सभी पर जीएसटी शून्य है।

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