जिला परिषद चुनाव से पहले गठबंधन पर बवाल, बीजेपी–शिंदे सेना युति से भड़के कार्यकर्ता

Chhatrapati Sambhajinagar ZP: जिला परिषद चुनाव से पहले बीजेपी-शिंदे सेना युति का ऐलान होते ही छत्रपति संभाजीनगर में कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर उतर आया।
Controversy erupts over alliance ahead of Zilla Parishad elections; BJP-Shinde Sena alliance angers party workers.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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District Council Election: छत्रपति संभाजीनगर, ब्यूरो। जिला परिषद चुनाव से पहले छत्रपती संभाजीनगर की राजनीति में बड़ा और निर्णायक मोड़ आ गया है। लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता, बैठकों और अंदरूनी खींचतान के बाद आखिरकार भाजपा व शिंदे सेना के बीच युति की औपचारिक घोषणा कर दी गई है। इस युति के तहत भाजपा 27 और शिवसेना 25 जिला परिषद सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

यह घोषणा शिंदे सेना की ओर से पालकमंत्री संजय शिरसाट और भाजपा की ओर से ओबीसी कल्याण मंत्री अतुल सावे ने की। इधर, जिला परिषद चुनाव को लेकर और के बीच युति की घोषणा होते ही सियासी माहौल गरमा गया। युति के ऐलान के तुरंत बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया और 'युति तोड़ों' के नारे लगने लगे।

घोषणा के बाद नाराज कार्यकर्ताओं ने राज्य के ओबीसी कल्याण मंत्री अतुल सावे गाड़ी रोककर काफी देर तक घेराव किया। कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे कई वर्षों से जिला परिषद चुनाव की तैयारी कर रहे थे, लेकिन युति के चलते उनकी संभावित सीटें शिंदे सेना को दे दी गईं। इससे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में पार्टी का मजबूत जनाधार है।

ऐलान के बाद कार्यकर्ताओं में भड़का असंतोष

युति की घोषणा के तुरंत बाद भाजपा के भीतर असंतोष भी खुलकर सामने आ गया। वैजापुर तहसील के पार्टी के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता नाराज हो गए। उन्होंने अतुल सावे और अन्य भाजपा नेताओं की गाड़ियों को रोकने की कोशिश की और युति तोड़ो' के नारे लगाए, कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे वर्षों से जिन सीटों पर तैयारी कर रहे थे, वे सीटें शिवसेना को दे दी गईं। इससे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है।

सिल्लोड़ और सोयगांव में नहीं हुआ गठबंधन

हालांकि, इस युति के बीच सबसे बड़ा लेकिन सिल्लोड और सोयगाव तहसील को लेकर सामने आया है। इन दोनों तहसील की कुल 11 सीटों पर भाजपा और शिंदे सेना के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया है।

यहां दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। सिल्लोड को शिवसेना के कद्दावर नेता तथा विधायक अब्दुल सत्तार का गढ़ माना जाता है। खुद सतार ने इन सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

जिसके चलते यहां युति पूरी तरह टूट गई है। अतुल सावे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सिल्लोड और सोयगांव में कोई मैत्रीपूर्ण लड़ाई नहीं होगी। यदि शिवसेना वहां फॉर्म भर्ती है तो भाजपा भी अपने एबी फॉर्म देकर उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने कहा कि सिल्लोड़ में शत-प्रतिशत युति नहीं है।

दिनभर चली बैठक, शाम को बनी सहमति

जिला परिषद चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर मंगलवार को दिनभर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही। भाजपा और शिंदे सेना के वरिष्ठ नेताओं के बीच कई दौर की बैठकें हुईं। हर तहसील और हर गट को लेकर गहन चर्चा चली। आखिरकार शाम को दोनों दलों के बीच समझौता हुआ और युति का फार्मूला सार्वजनिक किया गया। नेताओं ने इसे महायुति की मजबूती के लिहाज से अहम फैसला बताया।

घोषित फार्मूले के अनुसार छत्रपती संभाजीनगर जिले के कुल 63 जिला परिषद गटों में से 52 गटों पर भाजपा और शिंदे सेना मिलकर चुनाव लड़ेंगी। इनमें 27 गटों पर भाजपा और 25 गटों पर शिवसेना के उम्मीदवार मैदान में होंगे। दोनों दलों ने दावा किया कि इस समीकरण के आधार पर जिला परिषद में सत्ता महायुति के हाथों में ही रहेगी और अध्यक्ष पद भी महायुति का होगा।

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