फर्जी दस्तावेज और नकली मालिक, संभाजीनगर में जमीन सौदे में 18.90 लाख की ठगी; 4 आरोपियों पर केस दर्ज
Sambhajinagar Property Scam: छत्रपति संभाजीनगर में जमीन बेचने के नाम पर परिवार से 18.90 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पुंडलिक नगर पुलिस ने 4 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की है।
- Written By: अंकिता पटेल
Chhatrapati Sambhajinagar crime ( Source: Social Media )
Chhatrapati Sambhajinagar Crime: छत्रपति संभाजीनगर शहर में जमीन खरीद के नाम पर बड़ी ठगी का बड़ा प्रकरण सामने आया है। फर्जी दस्तावेज व नकली जमीन मालिक खड़े कर आरोपियों ने परिवार से 18 लाख, 90,000 रुपये ऐंठ लिाए।
22 से 25 फरवरी के बीच हुई घटना में पुंडलिक नगर पुलिस थाने में 4 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है उनमें अर्जुन सखाराम तांबे, सुरेखा तांबे (मुकुंदनगर), नकली जमीन मालकिन बनी महिला व एक अन्य फर्जी गवाह शामिल हैं।
मनीषा श्रीकांत मोरे (48) का जयभवानी नगर में बुक स्टॉल है, जहां अर्जुन व सुरेखा तांबे अक्सर आते-जाते थे। इसी पहचान का फायदा उठाकर उन्होंने सांजखेड़ा गांव की गट नंबर 213 की 2 एकड़ जमीन बिक्री के लिए होने का झांसा दिया।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र विधान परिषद की 16 सीटों पर चुनाव का बिगुल; निर्वाचन आयोग ने घोषित की 18 जून की तारीख
महाराष्ट्र में पशु क्रूरता के सबसे ज्यादा मामले, एनसीआरबी रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
अकोला मर्डर केस: घरेलू विवाद में खूनी खेल, रिश्तेदार ने युवक पर किया जानलेवा हमला; आरोपी गिरफ्तार
अकोला में घरेलू विवाद बना खूनी, मामूली विवाद में पत्नी की हत्या, अकोला में पति गिरफ्तार
आरोपियों ने जमीन दिखाकर 42 लाख रुपये में सौदा तय करागा व विश्वास जीतकर धीरे-धीरे पैसे ऐंठने की योजना बनाई, मनीषा ने शिकायत में कहा कि 22 फरवरी को इसार के तौर पर 1.90 लाख रुपये नकद दिए गए।
23 फरवरी को मनीषा ने अपने सोने के गहने बेचकर 17 लाख रुपये जुटाए, यह राशि पुंडलिक नगर स्थित ज्वेलर्स की दुकान में अर्जुन तांबे को दी गई। यह पूरा लेन-देन दुकान के सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गया है। उसी दिन हाईकोर्ट क्षेत्र में स्थित जेरॉक्स सेंटर में इसार रसीद बनाई गई।
पुंडलिक नगर पुलिस थाने में शिकायत की गई दर्ज
महिला को गंगुबाई थोरात (जमीन मालकिन) बनाकर व एक व्यक्ति को सुरेश थोरात (गवाह) बनाया गया, रसीद में 10 लाख रुपये नकद देने का जिक्र कर बाकी राशि रजिस्ट्री के समय देने की बात लिखी गई।
बाद में यह सभी लोग व दस्तावेज फर्जी निकले, आरोपियों के और 5 लाख रुपये की मांग करने पर मोरे परिवार को शक हुआ, 10 मार्च को वे साजखेड़ा जाकर असली जमीन मालकिन गंगुबाई से मिलने पर उन्होंने कहा कि कोई जमीन बेचने के लिए उन्होंने नहीं रखी है।
यह भी पढ़ें:-संभाजीनगर में 29 मार्च से महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव की शुरुआत, 9 अप्रैल तक होंगे कार्यक्रम
पीड़िता के पैसे मागने पर आरोपी अर्जुन ने टालमटोल करने के साथ ही गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक विनोद भालेराव कर रहे हैं।
