Chhatrapati Sambhajinagar crime ( Source: Social Media )
Chhatrapati Sambhajinagar Crime: छत्रपति संभाजीनगर शहर में जमीन खरीद के नाम पर बड़ी ठगी का बड़ा प्रकरण सामने आया है। फर्जी दस्तावेज व नकली जमीन मालिक खड़े कर आरोपियों ने परिवार से 18 लाख, 90,000 रुपये ऐंठ लिाए।
22 से 25 फरवरी के बीच हुई घटना में पुंडलिक नगर पुलिस थाने में 4 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है उनमें अर्जुन सखाराम तांबे, सुरेखा तांबे (मुकुंदनगर), नकली जमीन मालकिन बनी महिला व एक अन्य फर्जी गवाह शामिल हैं।
मनीषा श्रीकांत मोरे (48) का जयभवानी नगर में बुक स्टॉल है, जहां अर्जुन व सुरेखा तांबे अक्सर आते-जाते थे। इसी पहचान का फायदा उठाकर उन्होंने सांजखेड़ा गांव की गट नंबर 213 की 2 एकड़ जमीन बिक्री के लिए होने का झांसा दिया।
आरोपियों ने जमीन दिखाकर 42 लाख रुपये में सौदा तय करागा व विश्वास जीतकर धीरे-धीरे पैसे ऐंठने की योजना बनाई, मनीषा ने शिकायत में कहा कि 22 फरवरी को इसार के तौर पर 1.90 लाख रुपये नकद दिए गए।
23 फरवरी को मनीषा ने अपने सोने के गहने बेचकर 17 लाख रुपये जुटाए, यह राशि पुंडलिक नगर स्थित ज्वेलर्स की दुकान में अर्जुन तांबे को दी गई। यह पूरा लेन-देन दुकान के सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गया है। उसी दिन हाईकोर्ट क्षेत्र में स्थित जेरॉक्स सेंटर में इसार रसीद बनाई गई।
महिला को गंगुबाई थोरात (जमीन मालकिन) बनाकर व एक व्यक्ति को सुरेश थोरात (गवाह) बनाया गया, रसीद में 10 लाख रुपये नकद देने का जिक्र कर बाकी राशि रजिस्ट्री के समय देने की बात लिखी गई।
बाद में यह सभी लोग व दस्तावेज फर्जी निकले, आरोपियों के और 5 लाख रुपये की मांग करने पर मोरे परिवार को शक हुआ, 10 मार्च को वे साजखेड़ा जाकर असली जमीन मालकिन गंगुबाई से मिलने पर उन्होंने कहा कि कोई जमीन बेचने के लिए उन्होंने नहीं रखी है।
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पीड़िता के पैसे मागने पर आरोपी अर्जुन ने टालमटोल करने के साथ ही गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक विनोद भालेराव कर रहे हैं।