प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Small Hospitals Relief: छत्रपति संभाजीनगर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की राज्य इकाई की सहसचिव डॉ. अनुपम टाकलकर ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से भेंट कर 50 बेड से कम संस्थानों को विशेष छूट देने व 50 से 200 बेड क्षमता वाले अस्पतालों के लिए नियम लागू करने की मांग की।
इसके साथ ही राज्य के क्लीनिक, डे-केयर सेंटर, छोटे व मध्यम अस्पतालों को झेलनी पड़ रही प्रशासनिक समस्याओं पर चर्चा की। आईएमए ने मांगों का ज्ञापन बावनकुले को सौंपकर चर्चा के दौरान विशेष रूप से 50 बेड से कम क्षमता वाले अस्पतालों पर एमपीसीबी पंजीकरण, बैंक गारंटी व जुर्माने के अनावश्यक बोझ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया, आईएमए ने स्पष्ट किया कि ऐसे अस्पतालों से कम जैव चिकित्सकीय कचरा निकलने के बाद उसका निपटान पहले से ही अधिकृत बायोमेडिकल एजेंसियों के जरिए वैज्ञानिक पद्धति से किया जा रहा है।
बावजूद इसके इन्हें औद्योगिक इकाइयों की तरह नियमों में बांधना अव्यावहारिक व अन्यायपूर्ण है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा की जाने वाली ओवरलैप जांच, कई पंजीकरण व अनुमतियों से उत्पन्न प्रशासनिक दबाव, सिंगल विंडो डिजिटल प्रणाली की जरूरत पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
डॉ. टाकलकर ने एमटीपी कानून व पीसीपीएनडीटी (फॉर्म-एफ) के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों, मामूली त्रुटियों के चलते की जाने वाली दंडात्मक कार्रवाइयों, स्पष्ट दिशानिर्देशों व डिजिटल प्रणाली की जरूरतों को भी बावनकुले के समक्ष रखा।
नर्सिंग स्टाफ की कमी, प्रतिगामी नियमों के क्रियान्वयन से बचाव, डे-केयर सेंटर के लिए अलग व सरल नियम, एमजेपीजेवाई पैकेज दरों के पुनर्मूल्यांकन, डॉक्टर संरक्षण कानून के प्रभावी अमल जैसे मुद्दे भी सामने रखे गए।
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मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सभी विषयों को सुनने के बाद आश्वस्त किया कि इन मुद्दों की नीति स्तर पर समीक्षा की जाएगी। बैठक में डॉ. योगेश लक्कास व डॉ. दत्तात्रय कदम मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया में आईएमए महाराष्ट्र राज्य के अध्यक्ष डॉ. संतोष कुलकर्णी, सचिव डॉ. विक्रांत देसाई का मार्गदर्शन मिला।