e-waste collection drive Ahilyanagar (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar Municipal Corporation Initiative: अहिल्यानगर शहर के विकास और स्वच्छता के लिए विधायक संग्राम जगताप और आयुक्त यशवंत डांगे स्वयं सड़कों पर काम कर रहे हैं। लेकिन सड़क के सामान्य कचरे के साथ-साथ ई-वेस्ट की समस्या भी सामने आ रही है। जिस तरह सड़क के कचरे का सही तरीके से निपटान किया जाता है, उसी तरह ई-वेस्ट का भी वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विचार भारती संस्था की पहल पर अहिल्यानगर नगर निगम द्वारा एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।
मेयर ज्योति गाडे ने शहर के नागरिकों और विभिन्न संगठनों से 23 फरवरी को आयोजित ई-वेस्ट कलेक्शन अभियान में भाग लेने की अपील की है। इस अभियान की योजना बनाने के लिए नगर निगम में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें डिप्टी मेयर धनंजय जाधव, एडिशनल कमिश्नर नागेंद्र मुटकेकर, विचार भारती के अध्यक्ष अरुण कुलकर्णी और मार्गदर्शक रवींद्र मुले सहित नगरसेवक, सामाजिक संगठन और NGO के प्रतिनिधि मौजूद थे।
डिप्टी मेयर जाधव ने कहा कि शहर का विकास, स्वच्छता और सौंदर्य बनाए रखने के लिए ऐसी पहलों की जरूरत है। उन्होंने बताया कि विचार भारती द्वारा बताए गए छह कॉन्सेप्ट पर काम करके इस अभियान को सफल बनाया जाएगा और नागरिकों को भी इसमें सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। आयुक्त डांगे ने भी कहा कि नगर निगम, विचार भारती संस्था के साथ मिलकर ई-वेस्ट खत्म करने के अभियान को आगे बढ़ा रहा है।
इस अभियान की औपचारिक शुरुआत 23 फरवरी को संत गाडगे महाराज जयंती के अवसर पर प्रोफेसर चौक में आयोजित कार्यक्रम से की जाएगी। ई-वेस्ट संग्रह के लिए प्रोफेसर चौक, यशोदानगर, अप्पू चौक, मालीवाड़ा वेस, बुरुडगांव वार्ड कमेटी कार्यालय, केडगांव सब-ऑफिस, दिल्ली गेट और दाल मंडई में अस्थायी कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इन केंद्रों पर जमा करें।
बैठक में कई पार्षद और गणमान्य लोग मौजूद रहे। चर्चा के दौरान NCP शहर जिला अध्यक्ष पार्षद संपत बारस्कर, BJP पार्षद निखिल वारे, अविनाश घुले और हरजीतसिंह वाधवा ने विभिन्न मुद्दे उठाए। कार्यक्रम का संचालन विचार भारती के सचिव सुधीर लांडगे ने किया, जबकि राजेंद्र तगड़ ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मराठा चैंबर ऑफ कॉमर्स के अरविंद परगांवकर, उद्योगपति गौतम मुणोत और जितेंद्र बिहानी सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
विचार भारती के उदय भनागे ने छह महत्वपूर्ण मुद्दों-क्लीन और ग्रीन अहिल्यानगर, सेफ अहिल्यानगर, सेल्फ-डिसिप्लिन्ड और सेल्फ-एम्प्लॉयड अहिल्यानगर, कल्चरल अहिल्यानगर और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाला अहिल्यानगर-के बारे में जानकारी दी। पूर्णम इकोविजन फाउंडेशन के सुभाष अंभोरे ने बताया कि ई-वेस्ट का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से निपटान कैसे किया जाता है।
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रवींद्र मुले ने कहा कि शहर का नाम बदलने के बाद अब इसे अहिल्यादेवी होल्कर के नाम के अनुरूप विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विचार भारती यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि शहर की ऐतिहासिक विरासत अगली पीढ़ी तक सुरक्षित पहुंचे। जैसे हिवरे बाज़ार और रालेगण सिद्धि देश में मॉडल गांव बन चुके हैं, वैसे ही अगले पांच वर्षों में शहर को भी एक आदर्श शहर बनाने के लिए इन छह बिंदुओं पर काम किया जाएगा।