AI से GIS तक: ई-गवर्नेंस में चमका छत्रपति संभाजीनगर, राज्यस्तरीय मूल्यांकन में दूसरा नंबर
Maharashtra e-Governance Program: महाराष्ट्र सरकार के 150 दिन के ई-गवर्नेंस सुधार कार्यक्रम में संभाजीनगर विभागीय आयुक्त कार्यालय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया।
- Written By: अंकिता पटेल
Maharashtra Administrative Reforms( Source: Social Media )
Sambhajinagar Divisional Commissioner Office: छत्रपति संभाजीनगर महाराष्ट्र सरकार के 150 दिनों के ई-गवर्नेस सुधार कार्यक्रम’ के तहत हुए राज्यस्तरीय मूल्यांकन में छत्रपति संभाजीनगर विभागीय आयुक्त कार्यालय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य में द्वितीय स्थान हासिल किया है।
डिजिटल परिवर्तन की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए इस कार्यालय ने अपनी अलग पहचान बनाई है। मुंबई स्थित सह्याद्री सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों विभागीय आयुक्त को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के अंतर्गत जिला, संभाग और राज्य स्तर के शासकीय कार्यालयों का सात प्रमुख मानकों पर विस्तृत परीक्षण किया गया। इसमें वेबसाइट प्रबंधन, ‘आपले सरकार’ सेवाएं, ई-ऑफिस प्रणाली, कार्यालयीन डैशबोर्ड, व्हाट्सएप चैटबॉट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ब्लॉकचेन तकनीक तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) जैसे आधुनिक उपकरणों के उपयोग का आकलन शामिल था।
सम्बंधित ख़बरें
कांजूरमार्ग में मिथेन गैस और बदबू से राहत दिलाने की तैयारी, 2027 तक लागू होगी नई परियोजना
Maharashtra ATS की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तानी गैंगस्टर से जुड़े संदिग्धों पर 40 ठिकानों पर छापेमारी
नासिक मनपा की मई महासभा 20 मई को ऑनलाइन, 5 अहम प्रस्तावों और विकास योजनाओं पर होगी चर्चा
रोहित पवार की भविष्यवाणी से महाराष्ट्र में आया सियासी भूचाल, बोले- तटकरे-पटेल समेत कई नेता होंगे BJP में शामिल
यह मूल्यांकन प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न हुई, जिसमें अंतिम मूल्यांकन भारतीय गुणवत्ता परिषद द्वारा किया गया। राज्य के सभी विभागीय आयुक्त कार्यालयों के बीच प्रतिस्पर्धा में द्वितीय स्थान प्राप्त करना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
संभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर के दूरदर्शी नेतृत्व, सुनियोजित कार्यप्रणाली और अधिकारी-कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नेतृत्व संग टीमवर्क से मिली सफलता
उनके मार्गदर्शन में ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी और सख्त क्रियान्वयन किया गया ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग, नियमित समीक्षा और नागरिक केंद्रित निर्णय प्रक्रिया के चलते प्रशासन अधिक सक्षम और परिणामकारी बना है।
यह भी पढ़ें:-संभाजीनगर की नई जल योजना को झटका, परीक्षण में पाइपलाइन वेल्डिंग उखड़ी; करोड़ों की पेयजल योजना पर सवाल
ई-गवर्नेस के सफल कार्यान्वयन से शासकीय सेवाओं में पारदर्शिता, गति और सुलभता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस अवसर पर आयुक्त जितेंद्र पापलकर ने कहा कि 150 दिनों के इस कार्यक्रम से शासकीय कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बनी है। यह सफलता सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
