प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
CII Leadership Conference: छत्रपति संभाजीनगर महाराष्ट्र के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से छत्रपति संभाजीनगर में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) की लीडरशिप कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
“रीजनल और रीजनल एक्सीलेंस के ज़रिए भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाना” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व ने महाराष्ट्र, विशेषकर मराठवाड़ा क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता, निवेश अवसरों और दीर्घकालीन विकास रणनीतियों पर विस्तार से विचार साझा किए।
सम्मेलन में CII वेस्टर्न रीजन के प्रेसिडेंट और BG इलेक्ट्रकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर ऋषि कुमार बागला, CII वेस्टर्न रीजन के वाइस प्रेसिडेंट तथा ब्लू स्टार लिमिटेड के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर आडवाणी, CII मराठवाड़ा जोनल काउंसिल के चेयरमैन और ग्रीव्स कॉटन लिमिटेड के वीर चेयरमैन (मैन्युफैक्चरिंग) अर्जुन चौगुले, CII गोवा के प्रेसिडेंट और एंड्रेस हाउसर (इंडिया) ऑटोमेशन इंस्ट्रूमेंटेशन प्राइवेट लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नरेंद्र कुलकर्णी, CII की रीजनल डायरेक्टर वैशाली श्रीवास्तव तथा CII नाग प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर मिलन के। नाग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए CII वेस्टर्न रीजन के प्रेसिडेंट ऋषि कुमार बागला ने कहा कि भारत आज एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनने के निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर और ऑरिक इकोसिस्टम इस परिवर्तन के मुख्य स्तंभ के रूप में उभर रहे हैं।
उनके अनुसार, क्षेत्र का वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत ऑटोमोटिव विरासत और एकीकृत MSME इकोसिस्टम इसे इलेट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल वैल्यू चेन के लिए राष्ट्रीय हब बनने की पूरी क्षमता प्रदान करता है।
इलेक्ट्रक मोबिलिटी को भारत के आर्थिक भविष्य की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति बताते हुए बागला ने क्लस्टर आधारित और समावेशी औद्योगिक विकास पर जोर दिय। उन्होंने MSMEs को बड़ी सप्लाई चेन से जोड़ने, समृद्धि हाईवे और जालना ड्राई पोर्ट के माध्यम से कनेक्टिविटी के लाभ उठाने तथा ‘चाइना प्लस वन’ नीति के तहत वैश्विक निवेश आकर्षित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
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उन्होंने कहा कि CII वेस्टर्न रीजन पॉलिसी एडवोकेसी, स्किल डेवलपमेंट, सस्टेनेबिलिटी और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिय के माध्यम से भारत के EV मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सम्मेलन में अन्य वक्ताओं ने भी मराठवाड़ा क्षेत्र में निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए उद्योग और सरकार के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता बताई।