छत्रपति संभाजीनगर मनपा का बड़ा ऐलान, अब अवैध नाले कनेक्शन पर लगेगी लगाम, सर्वे और जागरूकता तेज
Sewage Network Survey: छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने शहर को सुरक्षा दुर्घटना मुक्त बनाने के लिए सीवेज नेटवर्क का सर्वे शुरू किया है। अवैध नाले कनेक्शन रोकने और जागरूकता अभियान को तेजी से बढ़ाया जाएगा।
- Written By: सोनाली चावरे
छत्रपति संभाजीनगर मनपा (pic credit; social media)
Chhatrapati Sambhajinagar News: छत्रपति संभाजीनगर शहर में सीवेज प्रबंधन की खामियों ने कई बार हादसों को जन्म दिया है। इन दुर्घटनाओं में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। इसी खतरे को रोकने और शहर को ‘सेफ्टी टैक’ मुक्त बनाने के लिए मनपा ने एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है।
मनपा ने ड्रेनेज विभाग, जोनल कार्यालयों और जीआईएस टीमों के जरिए कॉलोनियों में सर्वे अभियान शुरू किया है। इस सर्वे में हर कॉलोनी का भूगोल, चालान, ड्रेनेज कनेक्शन बिंदु और अनुमानित लागत का विस्तृत ब्यौरा दर्ज किया जा रहा है। जांच में सामने आया कि शहर के कई हिस्सों में अवैध रूप से नालियों के कनेक्शन कर दिए गए हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि नागरिकों को जानकारी ही नहीं है कि नाले के कनेक्शन के लिए मनपा से अनुमति लेना अनिवार्य है।
मनपा अभियंता अनिल खंडागले ने साफ कहा कि बिना अनुमति लिए गए कनेक्शन पूरे सीवेज नेटवर्क को बाधित कर देते हैं। यही कारण है कि अपशिष्ट जल प्रबंधन में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और सुरक्षित कनेक्शन के लिए मनपा की अनुमति अवश्य लें।
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इसी बीच केंद्र सरकार की अमृत योजना से भी इस अभियान को नई ताकत मिली है। इस योजना के तहत सीवेज प्रबंधन से जुड़े इंटरसेप्टर, ट्रीटमेंट प्लांट और कनेक्शन कार्य का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। शेष कार्य अंतिम चरण में है। अमृत योजना के तहत 60 प्रतिशत धनराशि केंद्र और राज्य सरकार देती है, जबकि 40 प्रतिशत मनपा को वहन करना होता है। इसके लिए मनपा ने 275 करोड़ रुपये का ऋण लेने की तैयारी भी कर ली है।
सरकारी नेटवर्क में जब अवैध कनेक्शन या रुकावट पैदा होती है तो पानी का बहाव रुक जाता है और गंदगी की समस्या बढ़ जाती है। अब मनपा ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। कॉलोनियों में सर्वे और मीटिंग्स के जरिए लोगों को बताया जा रहा है कि अवैध कनेक्शन न सिर्फ गैरकानूनी हैं बल्कि खतरनाक भी साबित हो सकते हैं।
मनपा का लक्ष्य साफ है। शहर को पूरी तरह सुरक्षित और सीवेज नेटवर्क को व्यवस्थित बनाना। प्रशासन का दावा है कि अगर नागरिक सहयोग करेंगे तो आने वाले समय में छत्रपति संभाजीनगर ‘सेफ्टी टैक’ से मुक्त होकर एक सुरक्षित शहर के रूप में सामने आएगा।
