Sambhaji Nagar MNC का बड़ा फैसला, 200 करोड़ की सोलर परियोजना से हर महीने 5 करोड़ की बचत!
Sambhaji Nagar MNC ने अपने खजाने पर पड़ने वाले बिजली के बोझ को कम करने के लिए एक आवश्यक कदम उठाया है। MNC Administration ने 50 मेगावॉट कैपेसिटी का Solar Energy Project स्थापित करने का फैसला लिया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
छत्रपति संभाजी नगर (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: छत्रपति संभाजीनगर महानगर पालिका (मनपा) ने अपने खजाने पर पड़ रहे बिजली बिलों के भारी बोझ को कम करने और हरित ऊर्जा को अपनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
मनपा प्रशासन ने 50 मेगावॉट क्षमता की एक विशाल सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना के लिए 400 एकड़ जमीन छत्रपति संभाजीनगर मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीएसएमआरडीए) से लीज पर ली जाएगी।
करोड़ों के खर्च से मिलेगी राहत
छत्रपति संभाजीनगर मनपा वर्तमान में जलापूर्ति योजनाओं, स्कूलों, अस्पतालों और प्रशासनिक भवनों सहित अन्य सुविधाओं के लिए हर महीने 5 करोड़ रुपए से अधिक बिजली बिल पर खर्च करती है। नई जलापूर्ति योजना जल्द ही लागू होने वाली है, जिसके पहले चरण में 200 एमएलडी पानी पंप करने पर बिजली का खर्च कई करोड़ रुपए तक बढ़ जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
प्राइवेट NEET कोचिंग सेंटरों पर चलेगा सरकार का हथौड़ा! राजस्व मंत्री विखे पाटिल ने की पाबंदी की मांग
Kalyan: रेलवे यार्ड में 14 साल की लड़की से दरिंदगी, रेप की घटना से फिर दहल उठा महाराष्ट्र
छत्रपति संभाजीनगर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल; आम आदमी का बजट बिगड़ा, ऑटो एलपीजी हुई सस्ती
पुणे कृषि महाविद्यालय में ‘अजित दादा पवार देशी गाय केंद्र’ का नामकरण, महिला किसानों के रोजगार पर जोर
ये भी पढ़ें :- Thane MNC Election से पहले अजित पवार गुट को बड़ा झटका, प्रकाश बर्डे ने थामा शरद पवार का हाथ
योजनाओं के तहत लिया जाएगा लोन
परियोजना की अनुमानित लागत 200 करोड़ रुपए होगी। अधिकारियों को इस फंड को जुटाने के लिए सरकार को एक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है, मनपा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ऋण (लोन) ब्लेने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह एक एकमुश्त बड़ा खर्च होगा, लेकिन इसके परिणामस्वरूप भविष्य में बिजली चिलों पर होने वाले करोड़ों रुपए के मासिक खर्च की बचत होगी, जिससे मनपा के वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार होगा। यह पहल मनपा को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
