प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Employee Stress: छत्रपति संभाजीनगर पांच दिवसीय कार्य सप्ताह सहित अन्य मांगों के समर्थन में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर 27 जनवरी को छत्रपति संभाजीनगर जिले में बैंक कर्मियों ने एकदिवसीय हड़ताल की।
इस दौरान अदालत रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा के सामने जोरदार प्रदर्शन किया गया। नारेबाजी से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। हड़ताल के कारण शहर की सभी राष्ट्रीयकृत व निजी बैंकों का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। अनुमान है कि इस हड़ताल से 500 से 600 करोड़ रुपये के क्लियरिंग व लेन-देन प्रभावित हुए हैं।
एनसीबी के ललित निकुंभ ने कहा कि बैंकों में कर्मचारियों की संख्या लगातार घट रही है, जबकि कार्यभार बढ़ता जा रहा है। इसके चलते बैंक कर्मी और अधिकारी शारीरिक व मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 82 प्रतिशत कर्मचारी-अधिकारी वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
आईबॉक के सतीश घुगे ने कहा कि कई विदेशी देशों में चार दिवसीय कार्य सप्ताह पर भी चर्चा चल रही है, जबकि भारत में अभी भी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को सरकार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की।
नोबी (NOBI) के अजय बोरसे (बैंक ऑफ महाराष्ट्र) और रवींद्र सुतवणे (बैंक ऑफ बड़ौदा) ने भी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी बैंक कर्मियों से एकजुट रहने का आह्वान किया।
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इस आंदोलन को एसबीआई के राहुल सालुयखे, राजश्री वरुड़कर, स्वाति चव्हाण, निलेश खरात का भी समर्थन मिला। मुख्य मार्गदर्शक देवीदास तुलजापुरकर ने कहा कि अब तक हर आंदोलन में बैंक कर्मियों को सफलता मिली है और इस बार भी सरकार को मांगें माननी ही होंगी।