संभाजीनगर में बड़े इंडस्ट्रियल बूस्ट की तैयारी; ‘ऑरिक’ की 520 एकड़ आवासीय भूमि अब उद्योगों के लिए आवंटित
Sambhajinagar AURIC Converts: ऑरिक में उद्योगों की बढ़ती मांग को देखते हुए 520 एकड़ आवासीय भूमि को औद्योगिक उपयोग के लिए परिवर्तित किया गया है। इससे बड़े निवेश व नए औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी।
- Written By: अंकिता पटेल
ऑरिक, औद्योगिक निवेश, संभाजीनगर, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sambhajinagar Smart Industrial City: छत्रपति संभाजीनगर दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) के तहत विकसित औरंगाबाद इंडस्ट्रियल सिटी (ऑरिक) में उद्योगों की बढ़ती मांग को देखते हुए पहले चरण की 520 एकड़ आवासीय भूमि को औद्योगिक उपयोग के लिए परिवर्तित किया गया है।
इस अहम निर्णय से बड़े औद्योगिक निवेश के लिए आवश्यक एकमुश्त भूमि उपलब्ध होने के साथ ही शीघ्र ही किसी बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट के निवेश की संभावना भी बढ़ गई है। देश की सबसे महत्वपूर्ण स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी परियोजनाओं में शेंद्रा-बिडकीन औद्योगिक क्षेत्र है। इसके पहले चरण में 40।2 वर्ग किमी क्षेत्र का विकास किया गया है।
बढ़ती मांग के बीच 520 एकड़ आवासीय भूमि को औद्योगिक उपयोग में बदला जाएगा
शेंद्रा व बिड़कीन दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं, वर्तमान में ऑरिक में कुल 332 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। करीब 3,434 एकड़ भूमि उद्योगों को दी गई है, जिसमें से 3,284 एकड़ भूमि औद्योगिक उपयोग में है।
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बिडकीन क्षेत्र में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स, जेएसडब्ल्यू, एथर एनर्जी व पिरामल जैसी कंपनियां कार्यरत हैं। शेंद्रा में ह्योसंग प्रमुख एंकर निवेशक के रूप में मौजूद है। उद्योगों को लगातार बढ़ती मांग के कारण उपलब्ध औद्योगिक भूमि कम पड़ रही थी।
इसे देखते हुए 520 एकड़ आवासीय भूमि को औद्योगिक उपयोग में तब्दील का निर्णय लिया गया है। इससे विनिर्माण, इलेट्रिक वाहन (ईवी), इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स व निर्यात आधारित उद्योगों को निवेश के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध होगी।
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771 एकड़ व्यावसायिक भूमि उपलब्ध
फिलहाल ऑरिक में 771 एकड़ औद्योगिक भूमि व 2,039 एकड़ व्यावसायिक, आवासीय एवं अन्य उपयोग की भूमि उपलब्ध है। भविष्य की निवेश जरूरत को देखते हुए दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाएगी। इसके लिए जरूरी धन ऑरिक-एमआईटीएल स्वयं जुटाएगा। आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए केंद्र सरकार से घोषित वित्तीय मदद मिलने की अपेक्षा है।
