नागपुर के सावनेर में बनेगा देश का बड़ा डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस कॉरिडोर, सरकार ने जारी की अधिसूचना

Nagpur DNA Corridor: महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर की सावनेर तहसील में महत्वाकांक्षी डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस कॉरिडोर के लिए 2729 हेक्टेयर से अधिक भूमि को औद्योगिक क्षेत्र घोषित कर दिया है।
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सावनेर में बनेगा डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस कॉरिडोर (सोर्स: AI)
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Saoner Defence-Nuclear-Aerospace Corridor: महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर जिले के सावनेर में प्रस्तावित 'डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस (DNA) कॉरिडोर' को अमलीजामा पहनाने के लिए महाराष्ट्र औद्योगिक विकास अधिनियम, 1961 के तहत आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है, जो क्षेत्र में विकास के नए द्वार खोलेगी। महाराष्ट्र सरकार ने नोटिफिकेशन के जरिए इस प्रोजेक्ट के लिए 2729 हेक्टेयर से अधिक भूमि को औद्योगिक क्षेत्र घोषित कर दिया है।

12 जून 2026 को जारी इस महत्वपूर्ण निर्णय को विदर्भ के औद्योगिक इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। इसके साथ ही सावनेर में प्रस्तावित डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस (DNA) कॉरिडोर की स्थापना की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम आगे बढ़ गया है।

सावनेर में प्रस्तावित डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस कॉरिडोर परियोजना की घोषणा को लंबे समय से किए जा रहे सतत और नियोजित प्रयासों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस संबंध में सरकार से लगातार किए गए पत्राचार, बैठकों और सरकारी स्तर पर किए गए अनुवर्ती प्रयासों के बाद राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए औद्योगिक क्षेत्र की अधिसूचना जारी कर दी है।

इस क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया

अधिसूचना के अनुसार सावनेर तहसील के मौजा खुर्सापार, जोगा, जैतपुर, छत्रापुर, मालेगांव (जो.), नांदागोमुख, सालई, सावली (मो.) और जटामखोरा गांवों के विस्तृत भूभाग को डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस (डीएनए) कॉरिडोर परियोजना के लिए औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 2729.8279 हेक्टेयर भूमि को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया गया है।

डीएनए कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए अधिसूचित भूमि

मौजा क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
खुर्सापार 124.191 हेक्टेयर
जोगा 563.47 हेक्टेयर
जैतपुर 332.6439 हेक्टेयर
छत्रापुर 38.56 हेक्टेयर
मालेगांव (जो.) 592.75 हेक्टेयर
नांदागोमुख 353.68 हेक्टेयर
सालई 174.05 हेक्टेयर
सावली (मो.) 258.72 हेक्टेयर
जटामखोरा 291.76 हेक्टेयर

रक्षा उत्पादन, हथियार निर्माण, मिसाइल एवं गोला-बारूद उत्पादन

इस परियोजना के लागू होने से एयरोस्पेस क्षेत्र, जिसमें विमान, ड्रोन, उपग्रहों के पुर्जों का निर्माण शामिल है को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही रक्षा उत्पादन, हथियार निर्माण, मिसाइल एवं गोला-बारूद उत्पादन, परमाणु तकनीक, रोबोटिक्स तथा उन्नत इंजीनियरिंग आधारित उद्योगों के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे सावनेर भविष्य में देश के एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।

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सावनेर के डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस कॉरिडोर की विशेषताएं (सोर्स: AI)

हजारों युवाओं को प्राप्त होंगे रोजगार के अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के कारण हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी औद्योगिक कंपनियों के निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे नागपुर और पूरे विदर्भ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना से भी जुड़ी हुई है। केंद्र सरकार देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और विदेशी निर्भरता कम करने के उद्देश्य से विभिन्न राज्यों में रक्षा कॉरिडोर विकसित कर रही है। सावनेर में प्रस्तावित डीएनए कॉरिडोर को भी इसी दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। 22 अगस्त 2025 को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर सावनेर में डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस (DNA) कॉरिडोर स्थापित करने की मांग की गई थी। इस दौरान केंद्र सरकार के समक्ष सावनेर के भौगोलिक महत्व, उपलब्ध विशाल भूमि, नागपुर की रक्षा और औद्योगिक क्षेत्र में संभावनाओं तथा भविष्य में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया था।

भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी प्रदान

इसके लिए राज्य सरकार, उद्योग विभाग, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया तथा परियोजना के लिए आवश्यक भूमि के निरीक्षण और प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए अनेक स्तरों पर प्रयास किए। 8 अप्रैल 2026 को मंत्रालय में प्रधान सचिव (उद्योग) की अध्यक्षता में आयोजित राज्य सरकार की उच्चाधिकार समिति की 186वीं बैठक में सावनेर औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगभग 2721.9491 हेक्टेयर अर्थात 6725.98 एकड़ से अधिक भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी प्रदान की गई।

अब महाराष्ट्र सरकार द्वारा संबंधित क्षेत्र को आधिकारिक रूप से डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस (डीएनए) कॉरिडोर परियोजना के लिए औद्योगिक क्षेत्र घोषित कर दिए जाने से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की स्थापना का मार्ग और अधिक सुगम हो गया है। इसके साथ ही सावनेर के डिफेंस, न्यूक्लियर और एयरोस्पेस क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निवेश के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।

मील का पत्थर साबित होगा डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस (DNA) कॉरिडोर

सावनेर में डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस (DNA) कॉरिडोर की स्थापना का सपना साकार करने के लिए पिछले कई महीनों से लगातार प्रयास किए जा रहे थे। राज्य सरकार द्वारा जारी यह अधिसूचना उन प्रयासों की बड़ी सफलता है। इससे सावनेर, नागपुर और पूरे विदर्भ के औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी। सावनेर को राष्ट्रीय स्तर के डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह अधिसूचना ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होगी।

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