

Nagpur Flyover Project: नागपुर रेलवे स्टेशन के सामने के फ्लाईओवर की जगह 6 लेन सड़क के निर्माण तथा फ्लाईओवर के नीचे के दुकानदारों को वैकल्पिक दुकानों के आवंटन को लेकर स्टेशन पलाईओवर के पीड़ित सैयद साकीर अली अब्दुल अली की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए निधि का आवंटन भी किया जा चुका है।
इन सभी बातों को लिखित में कोर्ट के समक्ष रखने के लिए कुछ समय देने का अनुरोध किया गया। इसके बाद न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने समय प्रदान कर सुनवाई स्थगित कर दी। याचिकाकर्ता की ओर से अधि। महेश धात्रक और सरकार की ओर से मुख्य सरकारी वकील देवेन चौहान तथा मनपा की ओर से अधि, जेमीनी कासट ने पैरवी की।
मनपा के नगर रचना विभाग के उप संचालक गिरीश गोडबोले द्वारा दायर हलफनामा के अनुसार शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने रेलवे स्टेशन से सटे सीताबर्डी इलाके में सड़क के विकास और चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण को अपनी प्रशासकीय और वित्तीय मंजूरी दे दी है। इस पूरी परियोजना के लिए 31.33 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। 'नगरोत्थान महाभियान' योजना के तहत नागपुर-रायपुर राजमार्ग क्रमांक 7 के मौजूदा 24 मीटर चौड़े विकास योजना (DP) रास्ते को 25 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। इस कार्य के लिए कुल आवश्यक निधि 31.33 करोड़ रुपये है, जिसमें 50% हिस्सेदारी राज्य सरकार (15.665 करोड़ रुपये) और 50% हिस्सेदारी महानगर पालिका (15.665 करोड़ रुपये) की होगी।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधि। देवेन चौहान ने बताया कि चूंकि राज्य सरकार की ओर से प्रशासकीय और वित्तीय मंजूरी प्रदान की गई है। अतः महानगर पालिका 'नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013' की धारा 19 के प्रकाशन के लिए अधिग्रहण की लागत का 30% हिस्सा जमा की गई है।
यह राशि लगभग 10 करोड़ रुपये है। इस विकास कार्य के पूरा होने से न केवल रेलवे स्टेशन और सीताबर्डी जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि शहर के मध्य भाग में नागरिकों को बेहतर नागरिक सुविधाएं भी मिल सकेंगी, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह से जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त की संयुक्त जिम्मेदारी के तहत पारदर्शी तरीके से की जाएगी।