Chhatrapati Sambhaji Nagar: कपास की आड़ में गांजे की खेती! 4 जिलों में एक्शन मोड में NDPS

Chhatrapati Sambhaji Nagar में जब से स्पेशल आईजी वीरेंद्र मिश्र ने पदभार संभाला है, तब से अवैध नशीले पदार्थों पर होने वाली कार्रवाई तेज हो गई है। 8 महीने में ही NDPS ने 102 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
Chhatrapati Sambhaji Nagar में जब से स्पेशल आईजी वीरेंद्र मिश्र ने पदभार संभाला है, तब से अवैध नशीले पदार्थों पर होने वाली कार्रवाई तेज हो गई है। केवल 8 महीने में ही NDPS ने 102 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अवैध ड्रग तस्करी (सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: जब से छत्रपति संभाजी नगर परिक्षेत्र के स्पेशल आईजी का पदभार वीरेंद्र मिश्र ने संभाला है, तब से वह परिक्षेत्र के चार जिलों में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने इस अवैध कारोबार की रोकथाम के लिए जिला स्तर पर एनडीपीएस (NDPS) कक्ष की स्थापना कर प्रशिक्षित अधिकारियों और हवलदारों की नियुक्ति की है। इसी का परिणाम है कि चालू वर्ष के बीते आठ महीनों में संभाजी नगर परिक्षेत्र के चार जिलों में अवैध रूप से नशीले पदार्थों का कारोबार करने वाले 102 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, साथ ही छह लोगों को नोटिस देकर परिक्षेत्र में 76 एनडीपीएस कानून के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

कपास की खेती के नाम पर गांजे की खेती

छत्रपति संभाजी नगर परिक्षेत्र के स्पेशल आईजी वीरेंद्र मिश्र ने बताया कि 1 जनवरी, 2025 से आज तक परिक्षेत्र के छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण, जालना, बीड और धाराशिव, इन चार जिलों में कपास की खेती के नाम पर अवैध रूप से गांजे की खेती करने वाले, दूसरे राज्यों से बिक्री के लिए गांजा तस्करी करने वाले, बिना प्रिर्सक्रिप्शन नशे की गोलियां और दवाएं बेचने वाले मेडिकल चालकों/मालिकों के अलावा अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी है।

इसके चलते, बीते आठ महीनों में परिक्षेत्र के चार जिलों से 7 करोड़ 30 लाख रुपए कीमत का अवैध नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। इसमें 1,129 किलोग्राम गांजा, गांजे के पौधे, 835 किलोग्राम अफीम, 73।3 ग्राम एमडी और 46 नशीली अल्प्रज़ोलम टैबलेट शामिल हैं।

कॉलेजों में मुहिम

स्पेशल आईजी वीरेंद्र मिश्र ने बताया कि नशीले पदार्थों के सेवन से स्कूली, कॉलेज के छात्रों और युवाओं को दूर रखने के लिए 131 स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर जागरूकता फैलाने वाले व्याख्यान दिए गए, इसके लिए ऑडियो-वीडियो प्रेजेंटेशन, नुक्कड़ नाटक, जन-जागरूकता रैलियों और मैराथन प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com