AI का खौफनाक इस्तेमाल, 72 वर्षीय अधिकारी से व्हाट्सएप कॉल पर ठगे 46 लाख रुपए

सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई के जितने फायदे है, उतने ही इसके नुकसान भी है। छ. संभाजी नगर में एआई के जरिए एक 72 वर्षीय बुजुर्ग से 46 लाखरुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: बुजुर्गों को धमकाकर ठगी करने का मामला शहर में फिर सामने आया है। 72 वर्षीय सेवानिवृत्त महावितरण अधिकारी दिलीप मोतीलाल कोंडेकर (दीपनगर दगरोइड, शाहनूरवाड़ी) ने 46 लाख रुपए की ठगी की शिकायत दर्ज कराई है।

कोंडेकर ने बताया कि 4 अगस्त की शाम 4:30 बजे उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया, कॉल करने वाले ने खुद को 'विश्वास नांगरे पाटिल' बताकर उन्हें डराया।आरोपी ने दावा किया कि उनके नाम से केनरा बैंक में खाता खोलकर 2.50 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले की जांच चल रही है।

कोंडेकर को जेल जाने से बचने के लिए एफडी सरेंडर कर पैसे उनके खाते में जमा करने को कहा गया। ठगों ने उन्हें फर्जी इंडी वारंट और फोटो वारंट दिखाकर डराया और लगातार धमकाया कि यदि किसी को बताया तो 90 दिन की जेल और एनएसए के तहत कार्रवाई होगी।पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि ऐसे कॉल पर विश्वास न करें और तुरंत अपने नजदीकी थाना या साइबर सेल को सूचना दें।यह घटना शहर में बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले ठगी के मामलों की चिंता बढ़ा रही है।पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग अधिकारी साइबर ठगों के जाल में फंस गए।

पहले भी हो चुकी है इसी तरह की ठगी

समर्थ नगर में रहने वाले 77 वर्षीय बुजुर्ग के साथ विश्वास नागरे पाटिल बनकर ठगी की गई थी।10 जुलाई को क्रांति बौक पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।बुजुर्ग को बताया गया था कि उनके खाते से मनी लॉनद्विग की गई है और वे एक आतंकवादी को फंडिंग कर रहे है।उन्हें गिरफतार करने की धमकी देकर कुल 78 लाख 60 हजार रुपए की डिजिटल टगी की गई थी।इस घटना के लगभग दो महीने बाद, फिर एक बार एक बुजुर्ग को विश्वास नांगरे पाटिल के नाम पर ठगने का मामला सामने आया है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग जहां लोगों के जीवन को आसान बनाता है, वहीं इसका दुरुपयोग भी सामने आ रहा है।इस ठगी में ठगों ने एआई की मदद से एक नकली वीडियो का इस्तेमाल किया है, जिसमें सामने वाले व्यक्ति को पहचानना मुश्किल है।

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