मनी लॉन्ड्रिंग केस में अशोक खरात की बढ़ीं मुश्किलें,, 63 बैंक खातों से जुड़े बड़े खुलासे
Ashok Kharat Case: महिला यौन शोषण और आर्थिक धोखाधड़ी के आरोपों में घिरे अशोक खरात पर ईडी ने शिकंजा कस दिया है। जांच में 63 संदिग्ध बैंक खाते, बेनामी एफडी और करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
- Written By: अपूर्वा नायक
Ashok Kharat (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Ashok Kharat Case ED Money Laundering Case: नासिक सेक्स स्कैंडल का ढोंगी बाबा अशोक खरात की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। महिला यौन शोषण, आर्थिक धोखाधड़ी और अंधविश्वास फैलाने के आरोपों के बीच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी उसके खिलाफ जांच तेज कर दी है।
ईडी की विशेष टीम ने पुलिस सुरक्षा के बीच अशोक खरात को नासिक से मुंबई लाकर पीएमएलए कोर्ट में पेश किया। मनी लॉड्रिंग मामले में ईडी ने कोर्ट से हिरासत की मांग की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने खरात से पूछा कि क्या उसे ईडी के खिलाफ कोई शिकायत है, जिस पर खरात ने इंकार किया।
वहीं ईडी ने कोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए, ईडी के अनुसार, समता नागरी क्रेडिट सोसायटी में अलग-अलग लोगों के नाम पर कुल 63 बैंक खाते खोले गए थे, लेकिन उन सभी खातों से जुड़ा मोबाइल नंबर अशोक खरात का था। इतना ही नहीं, सभी खातों में नॉमिनी और अंतिम लाभार्थी भी अशोक खरात ही था।
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ईडी ने कोर्ट में दावा किया कि इन खातों का इस्तेमाल पैसों की लेयरिंग यानी मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया। करोड़ों रुपये नकद जमा किए गए और बाद में नकद ही निकाले गए। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैसा कहां से आया और आखिर किस तक पहुंचाया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कई बार बिना कोई डिपॉजिट स्लिप भरे ही कैशियर की मदद से सीधे खातों में नकद रकम जमा की जाती थी। एक संस्था में अशोक खरात अध्यक्ष था। इसी दौरान 34 बेनामी फिक्स्ड डिपॉजिट खाते खोले गए।
पत्नी के खातों में भी करोड़ों की रकम
ईडी ने यह भी खुलासा किया कि खरात की पत्नी के खातों और उसके नाम पर भी बड़ी मात्रा में नकद रकम और संपत्ति जमा की गई है। पांच करोड़ रुपये के अलावा दो करोड़ रुपये से अधिक रकम अलग-अलग बैंक खातों में होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी ने कहा कि बैंक अधिकारियों से अभी पूछताछ बाकी है और मामले की तह तक पहुंचने के लिए आरोपी की हिरासत जरूरी है। इसी आधार पर ईडी ने 10 दिन की हिरासत मांगी थी।
ईडी ने मांगी थी 10 दिन की हिरासत
कोर्ट ने सुनवाई के बाद अशोक खरात को 26 तारीख तक ईडी हिरासत में भेज दिया। ईडी ने 10 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने 6 दिन की रिमांड मंजूर की। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अपराध से अर्जित रकम कहां और कैसे खपाई गई।
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कोर्ट में खरात की सफाई
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने खरात के वकील से पूछा कि 60 खातों में सभी लोगों ने अशोक खरात को ही नॉमिनी कैसे बनाया? इस पर खरात के वकील ने दलील दी कि यह कोई शेड्यूल्ड अपराध नहीं है और 10 दिन की हिरासत की जरूरत नहीं है। इसके बाद अशोक खरात ने खुद कोर्ट में अपनी सफाई दी।
