Ashok Kharat Case: ED के सवालों से छूटे खरात के पसीने, हिसाब किताब मांगने पर जुबान पर लगा ताला

Ashok Kharat Case News: स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात को 70 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है। विशेष अदालत ने उसे 26 मई तक ईडी हिरासत में भेज दिया है।
Ashok Kharat Case ED Custody
अशोक खरात (फाइल फोटो)
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Ashok Kharat Case ED Custody: धन शोधन मामले में स्वयंभू 'धर्मगुरु' अशोक खरात की बोलती बंद हो गई, जब ईडी ने उससे हिसाब-किताब मांगा। मुंबई की एक विशेष अदालत ने खरात को 70 करोड़ के कथित धन शोधन मामले में 26 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

जांच एजेंसी फिलहाल उससे पूछताछ कर रही है। पहले से ही दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे खरात को धन शोधन मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने विस्तृत जांच के लिए खरात की 10 दिन की हिरासत का अनुरोध किया था। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, इस पूछताछ में खरात के कई करीबियों के नाम खुलने की संभावना है, और जरूरत पड़ी तो उनसे भी पूछताछ की जाएगी।

PMLA के तहत दर्ज है मामला

ईडी ने खरात के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था। यह कार्रवाई नासिक पुलिस की उस प्राथमिकी के आधार पर की गई है। जिसमे खरात पर जबरन वसूली, धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और महिलाओं को नशीले पदार्थों का सेवन करा कर उनके साथ हमले के आरोप लगाए गए हैं। खरात के खिलाफ दुष्कर्म और यौन शोषण से जुड़ी कई एफआईआर पहले से दर्ज है।

धनशोधन का आरोप

  • ईडी ने खरात पर बड़े पैमाने पर जबरन वसूली का नेटवर्क चलाने और बेनामी बैंक खातों के जरिए, 70 करोड़ रुपये से अधिक के धन शोधन का आरोप लगाया है।
  • बेनामी बैंक खाते वे होते हैं जो एक व्यक्ति के नाम पर खोले जाते हैं। उनमें जमा धन किसी दूसरे व्यक्ति का होता है।
  • नाशिक और अहिल्यानगर जिलों में खरात के खिलाफ दर्ज यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच एक विशेष जांच दल कर रहा है।
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