Maharashtra News: नांदगांव खंडेश्वर नगर पंचायत सभागार की कार्यवाही को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। आखिर सभागार में ऐसा क्या हो रहा है, जिसे कैमरे में कैद करने से परहेज किया जा रहा है इसी मुद्दे को लेकर स्वीकृत नगरसेवक अविनाश सदाशिवराव ब्राम्हणवाडे ने प्रशासन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है।
ब्राम्हणवाडे ने नगर पंचायत की सभी बैठकों की अनिवार्य आधिकारिक ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग करते हुए मुख्याधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि सभागार में जनता के मुद्दों, विकास कार्यों, निधि के उपयोग और प्रशासनिक निर्णयों पर चर्चा होती है, ऐसे में पूरी कार्यवाही का पारदर्शी और प्रमाणिक रिकॉर्ड होना आवश्यक है।
ज्ञापन में उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पंचायत की बैठकों में लिए जाने वाले निर्णय सीधे तौर पर जनता के हितों से जुड़े होते हैं। यदि इन बैठकों का विश्वसनीय रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होता, तो इससे संदेह, भ्रम और जवाबदेही की कमी को बढ़ावा मिलता है। केवल कागजी इतिवृत्तों के भरोसे जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग से यह स्पष्ट होगा कि किस जनप्रतिनिधि ने किस मुद्दे पर क्या भूमिका निभाई और प्रशासन ने किस प्रकार निर्णय लिए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
ब्राम्हणवाडे ने यह भी मांग की कि यदि प्रशासन आधिकारिक स्तर पर रिकॉर्डिंग की व्यवस्था नहीं करता है, तो नियमों के तहत जनप्रतिनिधियों को व्यक्तिगत स्तर पर रिकॉर्डिंग की अनुमति दी जाए।
इस मांग के बाद नगर पंचायत के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।