Amravati Farmer News: अमरावती संघर्ष और दृढ़ संकल्प की प्रेरक मिसाल पेश करते हुए जिले के अंजनगांव बारी (म्हसाला) के प्रगतिशील किसान रवींद्र माणिकराव मेटकर को विश्व के प्रतिष्ठित University of Oxford में भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया है। कभी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करने वाले मेटकर आज सालाना 15 करोड़ रुपये का सफल कृषि व्यवसाय संचालित कर रहे हैं।
उन्हें Global Economic Forum और ऑक्सफोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में 1 से 5 मई तक आयोजित ग्लोबल रिसर्च कॉन्फ्रेंस में आमंत्रित किया गया है। इस दौरान वे ‘एआई फॉर एवरी माइंड’ विषय पर मार्गदर्शन देंगे और आधुनिक तकनीक के जरिए खेती में बदलाव के अपने अनुभव साझा करेंगे।
मेटकर की सफलता की शुरुआत वर्ष 1984 में हुई, जब उन्होंने पिता से मिले मात्र 3,000 रुपये से घर की छत पर 100 मुर्गियों के साथ कुक्कुटपालन शुरू किया। बाद में मां की जमीन बेचकर बडनेरा में एक एकड़ जमीन खरीदी और व्यवसाय को विस्तार दिया। 2006 में बर्ड फ्लू से भारी नुकसान हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2008 में 25 लाख रुपये का कर्ज लेकर फिर शुरुआत की और आज उनका फार्म 50 एकड़ में फैल चुका है, जिसमें करीब 1.80 लाख पक्षी हैं।
पोल्ट्री के साथ-साथ वे केले, आम, संतरा, मौसंबी, नारियल, गेहूं और मक्का की खेती भी करते हैं। उनकी खेती में आधुनिक तकनीक और जैविक पद्धतियों का संतुलित उपयोग होता है। आज उनका पूरा व्यवसाय कर्जमुक्त है और सालाना टर्नओवर 15 करोड़ रुपये से अधिक है।
मेटकर के दोनों बेटे भी इस व्यवसाय से जुड़े हैं। बड़ा बेटा एमबीए कर रहा है, जबकि छोटा बेटा विदेश से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है।
अब मेटकर अपने व्यवसाय के विस्तार के बजाय अन्य किसानों को मार्गदर्शन देने पर ध्यान दे रहे हैं। उनका मानना है कि यदि खेती को व्यवसायिक दृष्टिकोण से किया जाए, तो किसान भी आर्थिक रूप से सशक्त बन सकता है।